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    गड्ढों वाली सड़कें और डिवाइडर बने कूड़ाघर, मयूर विहार फेज-3 में लोगों की मुसीबत पर विधायक ने साधी चुप्पी

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 06:17 PM (IST)

    मयूर विहार फेज-तीन में जर्जर सड़कें, गड्ढे और कूड़े के ढेर स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं, जिससे हादसों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया ह ...और पढ़ें

    मयूर विहार फेज-तीन में जर्जर सड़कें, गड्ढे और कूड़े के ढेर स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इमेज एआई

    मयूर विहार फेज-तीन में जर्जर सड़कें, गड्ढे और कूड़े के ढेर स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इमेज एआई

    HighLights

    1. मयूर विहार फेज-तीन में सड़कें जर्जर, गड्ढे और कूड़ा समस्या।

    2. पांच वर्षों से शिकायतें अनसुनी, विभागों की लापरवाही उजागर।

    3. हादसों, जलभराव और बीमारियों का खतरा बढ़ा, बच्चे असुरक्षित।

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-तीन में जर्जर सड़कें, गड्ढे और जगह-जगह फैला कूड़ा स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। क्षेत्र की कई सड़कें वर्षों से खराब हैं, जबकि कुछ मार्ग महीनों से मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। मानसून के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से हालात और गंभीर हो जाते हैं।

    वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति संबंधित विभागों की लापरवाही के साथ-साथ मानसून से पहले सड़क मरम्मत और जलनिकासी की तैयारियों के दावों की भी पोल खोल रही है।

    सीएनजी रोड, बुद्धा बाजार मार्केट और फेज-तीन स्थित डीडीए फ्लैटों के आसपास की सड़कों की हालत सबसे अधिक खराब है। जगह-जगह बने गड्ढों और उड़ती धूल के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

    इन मार्गों के आसपास कई स्कूल भी हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों के आसपास की सड़कें भी समय रहते दुरुस्त नहीं की गईं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    क्षेत्रीय निवासी विवेक ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बीच-बीच में केवल पैबंद लगाकर औपचारिक मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क फिर उखड़ जाती है। आनलाइन और आफलाइन दोनों माध्यमों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

    फुटपाथ और डिवाइडर बने कूड़ाघर

    सीएनजी रोड, पेपर मार्केट और सीआरपीएफ बिल्डिंग के आसपास फुटपाथों और सड़क के डिवाइडर और नाले जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने और खुले में कचरा फेंके जाने से समस्या लगातार बढ़ रही है।

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    फुटपाथ पर कूड़ा जमा होने से पैदल राहगीरों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बरसात में यही कचरा नालियों की निकासी बाधित कर जलभराव की समस्या को और गंभीर बना देता है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।

    इस मामले में स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार से बात करने की कोशिश की गई पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

    पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। मुख्य मार्ग होने से रोज हजारों वाहन गुजरते हैं, इसलिए प्रशासन तत्काल सुधार करे।

    -ब्रजमोहन

    गंदगी और जलभराव से बुजुर्ग, बच्चे व राहगीर सबसे ज्यादा परेशान हैं। मानसुन की तैयारीयों को लेकर प्रशासन की लापरवाह बना हुआ है।

    - आरके. वर्मा

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