दिल्ली में कांवड़ शिविरों के पास अवैध मीट दुकानें होंगी बंद, अतिक्रमण पर चलेगा MCD का चाबुक
एमसीडी ने दिल्ली में कांवड़ यात्रा की तैयारियों को तेज कर दिया है, जिसमें शिविरों की सुरक्षा और सुचारु संचालन पर जोर दिया गया है। ...और पढ़ें
-1785219763681_m.webp)
सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated
HighLights
कांवड़ शिविरों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी।
अवैध मीट दुकानों पर एमसीडी करेगी सख्त कार्रवाई।
शिविरों में तीन शिफ्टों में सफाई और फॉगिंग होगी।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी में कांवड़ यात्रा को लेकर नगर निगम (एमसीडी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवड़ शिविरों की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जोन के उपायुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं।
आदेश के तहत शिविर स्थलों से अतिक्रमण हटाने, तीन शिफ्टों में सफाई कराने, फागिंग कराने और शिविरों के आसपास अवैध व बिना लाइसेंस वाली मीट दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 25 जुलाई को दिल्ली सरकार के कानून एवं न्याय, श्रम, रोजगार और विकास सुधार मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई थी।
30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेंगे शिविर
बैठक में एमसीडी, राजस्व विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें तय किया गया कि इस वर्ष 308 पुराने स्थलों के साथ आवश्यकता के अनुसार नए स्थानों पर भी कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त, महाशिवरात्रि तक संचालित रहेंगे।
तीन शिफ्टों में तैनात होंगे सफाई कर्मचारी
एमसीडी ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी शिविर स्थलों से अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए। शिविरों और आसपास के क्षेत्रों में गहन सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए तीन शिफ्टों में सफाई कर्मचारियों और मशीनों की तैनाती होगी ताकि पूरे समय स्वच्छता बनी रहे।
आदेश में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान नियमित फॉगिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। बड़े कांवड़ शिविरों में पूर्व वर्षों की तरह मोबाइल डिस्पेंसरी तैनात की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
खबरें और भी
एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मार्ग और शिविरों के आसपास संचालित सभी अवैध या बिना लाइसेंस वाली मीट दुकानों को बंद कराया जाएगा। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाली दुकानों पर भी कार्रवाई होगी।
सभी जोनल उपायुक्तों को संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय बनाकर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला मजिस्ट्रेटों को कांवड़ शिविरों के लिए एनओसी जारी करने और व्यवस्थाओं की निगरानी का नोडल अधिकारी बनाया गया है।