दिल्ली के 72 वार्ड की खत्म होगी कूड़े की समस्या, सात साल के लिए दिया जाएगा टेंडर
दिल्ली के 72 वार्डों में दो साल से चली आ रही कूड़े की समस्या जल्द खत्म होगी। एमसीडी ने कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है ...और पढ़ें
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दिल्ली के 72 वार्ड की समस्या का समाधान अगले कुछ सप्ताह में हो जाएगा।
HighLights
दो साल से जारी कूड़े की समस्या होगी खत्म।
एमसीडी ने कूड़ा उठाने के टेंडर किए पूरे।
एजेंसियां ग्रीन वेस्ट, गाद भी उठाएंगी, ऐप बनेगा।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। करीब दो वर्ष से गंदगी की समस्या और कूड़ा न उठने की समस्या से जूझ रहे दिल्ली के 72 वार्ड की समस्या का समाधान अगले कुछ सप्ताह में हो जाएगा। इसके लिए एमसीडी ने कूड़ा उठाने वाली एजेंसी को नियुक्ति के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
सोमवार को होने वाली स्थायी समिति की बैठक में रेट एंड एजेंसी से संबंधित प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखा जाएगा। जिसकी मंजूरी मिलते ही विभाग कार्यादेश जारी कर देगा। इस बार खास बात यह है कि एमसीडी ने टेंडर में सीमा और कार्यविवाद को खत्म करने की नीति पर काम किया है।
जिसमें कूड़ा उठाने वाली एजेंसी ही न केवल घर-घर से कूड़ा उठाएगी बल्कि गंदगी होने पर उसकी शिकायतों के समाधान के लिए काल सेंटर भी स्थापित करेगी। इतना ही नहीं ग्रीन वेस्ट और नालियों से निकलने वाली गाद को भी उठाने का कार्य इसी एजेंसी को करना होगा। पहले एजेंसी सिर्फ घर से निकलने वाले कूड़े को ही उठाती थी।
कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों के टेंडर खत्म
दरअसल, दिल्ली नगर निगम में पूर्वकालिक दक्षिणी निगम के समय से ही यह कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों के टेंडर खत्म हो रहे थे। एमसीडी ने शुरुआत में एक वर्ष और फिर छह-छह माह के लिए पुरानी एजेंसियों का कार्य विस्तार किया। वहीं, पुरानी एजेंसी के कार्य करने से मना करने पर तत्कालिक तौर पर छह-छह माह के लिए टेंडर किए।
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जिसकी वजह से कूड़ा उठाने के पर्याप्त वाहन और मशीनरी नहीं लग पा रही थी। जिसकी वजह से मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी जोन के 72 वार्ड में गंदगी के ढेर लग रहे थे। जिसकी शिकायत स्वयं एमसीडी के पार्षद विभिन्न बैठकों में कर रहे थे।
अब चूंकि तीनों जोन के लिए अलग-अलग एमसीडी ने कूड़ा उठाने की व्यवस्था कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमसीडी स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव एजेंसी चयन का रखेगी। एमसीडी के अनुसार दक्षिणी जोन में सात वर्ष के लिए 1124 करोड़ रुपये का कार्य दिया जाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार मध्य जोन में 922.35 करोड़ और पश्चिमी जोन में 893.12 करोड़ का कार्य कूड़ा, ग्रीन वेस्ट और नालियों से निकलने वाली गाद उठाने का दिया जाएगा।
शिकायतों के निस्तारण के लिए बनाना होगा ऐप
एमसीडी ने नए टेंडरों में एक ओर बदलाव यह किया है कि कूड़ा उठाने के लिए काम करने वाली एजेंसी को 24 घंटे की हेल्पलाइन बनानी होगी। साथ ही एप भी बनाना होगा। ताकि नागरिक शिकायत कर सके। इसके लिए शिकायतों का समाधान भी करना होगा। इतना ही नहीं एफसीटीएस पर इन्फ्रा रेड तकनीक युक्त सीसीटीवी भी लगाने होंगे। ताकि कूड़ा उठाने की निगरानी हो सके। इसके साथ ही गार्बेज वर्नेवल प्वाइंट को समयबद्ध तरीके से खत्म कर उसका सुंदरीकरण भी करना होगा।