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    महरौली दुष्कर्म केस में ओला, उबर और रैपिडो पर एक्शन, बिना पुलिस वेरिफिकेशन क्रिमिनल को कैब देने पर होगी FIR

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 09:27 PM (IST)

    महरौली दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज करेगी। आरोपी ड्राइवर का पुलिस सत्यापन न कराने ...और पढ़ें

    ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ दर्ज किया जाएगा केस। फोटो: आर्काइव

    ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ दर्ज किया जाएगा केस। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. पुलिस ओला, उबर, रैपिडो के खिलाफ दर्ज करेगी मामला

    2. आरोपी ड्राइवर का पुलिस सत्यापन न कराना गंभीर लापरवाही

    3. ड्राइवर पर पहले से थे पांच आपराधिक मामले दर्ज

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महरौली इलाके में 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस अब कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करने जा रही है।

    महरौली थाना पुलिस एप आधारित प्रमुख कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन की धाराओं में अलग-अलग मामले दर्ज करेगी।

    तीनों ही नहीं कंपनियों ने नहीं कराया वेरिफिकेशन

    जांच में सामने आया है कि इन तीनों कंपनियों ने आरोपित बसु कुमार सिंह उर्फ बबलू को अपने प्लेटफाॅर्म पर पंजीकृत करते समय उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया था।

    पुलिस को मंगलवार को जैसे ही जानकारी मिली कि आरोपित चालक बसु कुमार सिंह के खिलाफ उसके गृह जिले खगड़िया (बिहार) के संबंधित थाने में पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

    इस इनपुट के बाद दक्षिण जिला पुलिस ने तुरंत तीनों कंपनियों के दिल्ली-एनसीआर के अधिकृत प्रतिनिधियों से संपर्क कर जवाब मांगा। कंपनियों के पास आरोपित के पुलिस सत्यापन का कोई रिकाॅर्ड नहीं था।

    इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस ने बुधवार को तीनों कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कंपनियों को कानूनी नोटिस जारी कर यह भी बताने को कहा गया है कि उनके पास ऐसे और कितने चालक पंजीकृत हैं जिनका पुलिस सत्यापन नहीं हुआ है।

    कैब कंपनियों ने बड़ी लापरवाही की 

    डीसीपी दक्षिण जिला अनंत मित्तल का कहना है कि आरोपित के खिलाफ खगड़िया में छेड़खानी, दंगे और हत्या के प्रयास जैसे पांच गंभीर मामले दर्ज हैं।

    वह कई बार जेल भी जा चुका है और इन मामलों का कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इस तरह के आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का बिना सत्यापन एप पर एक्टिव होना कंपनियों की बेहद गंभीर लापरवाही है।

    जेल जा चुका है कैब ड्राइवर

    2015, 2017 और 2018 में छेड़खानी, आपसी झगड़े और दंगे के तीन मामले दर्ज हुए। वहीं 2022 हत्या के प्रयास समेत दो अन्य संगीन मामले दर्ज किए गए।

    बसु कुमार सिंह की शादी पांच साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे (चार साल और छह महीने का बेटा) हैं, जो गांव में रहते हैं। उसकी हरकतों से तंग आकर माता-पिता ने उसे गुरुग्राम में रहने वाले उसके बड़े भाई के पास भेज दिया था।

    यह भी सामने आया है कि बसु 2023 में एक महीने जेल में काटने के बाद गुरुग्राम आ गया था। इससे पहले वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और पिछले साल गुरुग्राम में जोमैटो में डिलीवरी ब्वाॅय के रूप में भी काम कर चुका था।

    वह 10 जून को बिहार पुलिस की परीक्षा देने भी गया था और दो दिन बाद लौट आया था। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

    कैब मालिक पर नहीं होगी कार्रवाई

    पुलिस जांच के अनुसार, बसु कुमार सिंह ने दो महीने पहले गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट के पास रहने वाले अंकित नाम के शख्स से 18,000 मासिक किराये पर कैब ली थी।

    कैब मालिक को आरोपित के आपराधिक इतिहास की कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए पुलिस कैब मालिक के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करेगी।

     

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