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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi: आतिशी ने शिक्षण भ्रमण से लौटे शिक्षकों से जाना अनुभव, कहा- स्कूलों में तैयार करें सकारात्मक माहौल

    By Nimish HemantEdited By: Nitin Yadav
    Updated: Sun, 15 Oct 2023 12:36 PM (IST)

    दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने देश के विभिन्न राज्यों में स्थित शैक्षिक संस्थाओं से एक्सपोजर विजिट कर लौटे एमसीडी स्कूलों के मेंटर टीचर्स से बातचीत ...और पढ़ें

    Delhi: आतिशी ने शिक्षण भ्रमण से लौटे शिक्षकों से जाना अनुभव।
    Delhi: आतिशी ने शिक्षण भ्रमण से लौटे शिक्षकों से जाना अनुभव।

    HighLights

    1. आतिशी ने शिक्षण भ्रमण से लौटे MCD शिक्षकों से जाना अनुभव
    2. MCD स्कूलों में तैयार करें सकारात्मक माहौल: आतिशी

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने देश के विभिन्न राज्यों में स्थित शैक्षिक संस्थाओं से एक्सपोजर विजिट कर लौटे एमसीडी स्कूलों के मेंटर टीचर्स से बातचीत की और भ्रमण के उनके अनुभवों को जाना। साथ ही उनके अनुभवों के आधार पर स्कूलों में नई गतिविधियों का कार्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया।

    अन्य शिक्षकों से भी साझा करें अनुभव

    शिक्षा मंत्री ने शिक्षकाें से आग्रह किया कि वे एमसीडी स्कूलों में पढाई का सकारात्मक वातावरण तैयार करें साथ ही अपने अनुभवों से बाकि शिक्षकों को भी लाभांवित करें। इसके पहले शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को बताया कि उन्हें इस भ्रमण का काफी नया व अच्छा अनुभव रहा जो आगे उनके पेशेवर जीवन में काफी काम आएंगे।

    राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा गत दिनों पांच दिवसीय पेशेवर विकास कार्यक्रम के तहत 20-20 के समूह में इन शिक्षकों को पालमपुर के आविष्कार लैब ऑफ साइंस, मैथ, आर्ट एंड टेक्नोलाजी व बेंगलुरु में अन्वेषाना, अन्नास्वामी मुदलियार, दीया घर, माल्या अदिति इंटरनेशनल स्कूल और बीईएमई में भेजा था।

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    खुद कौशल को हो सके विकास

    इन स्कूलों में छोटी उम्र से ही छात्रों को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनना सिखाया जाता है ताकि वो खुद कौशल विकास करें ताकि आगे जाकर उन्हें दूसरो पर निर्भर न होना पड़े। इसी तरह उन्होंने जाना कि कैसे अनूठे तरीकों को अपनाते हुए पढाई को रोचक बना सकते हैं। कैसे किताब और क्लासरूम से परे बच्चों को लर्निंग दी जा सकती है। उन्हे कैसे हर बच्चे की सीखने से जुडी व्यक्तिगत जरूरतों को समझते हुए उसे पूरा किया जा सकता है।

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