यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर पहली बार हिंदू संगठन सड़क पर, जंतर-मंतर पर इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पहली बार हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर रविवार को जंतर-मंतर पर धरना दिया। उन्होंने न सिर्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया ब ...और पढ़ें

HighLights
- संगठन ने वक्फ बोर्ड को भू-माफिया करार दिया है।
- पहली बार हिंदू संगठन इसके समर्थन में सड़कों पर उतरे
जागरण संवाददाता ,नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पहली बार हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर रविवार को जंतर-मंतर पर धरना दिया। उन्होंने न सिर्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया बल्कि इसे रद्द करने की भी मांग की। संगठन ने वक्फ बोर्ड को भू-माफिया करार दिया है।

प्रदर्शन में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी, पिंकी भाई, भोज कुमार, दीपक शर्मा, ममता सहगल, संजू बाबा समेत अन्य हिंदू संगठनों के लोग मौजूद रहे।

बता दें कि नवरात्रि के पहले दिन पहली बार हिंदू संगठन इसके समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। जंतर-मंतर पर महापंचायत में विभिन्न हिंदू संगठन इसका समर्थन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में सर्व समाज एकता मंच दिल्ली, जनसंख्या समाधान फाउंडेशन, राष्ट्रीय हिंदू मोर्चा, सेव इंडिया फाउंडेशन और हिंदू रक्षा दल समेत अन्य संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

संगठन के लोगों का कहना है, "मैं सनातनी योद्धा अपने परिवार और धर्म की रक्षा के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दूंगा, अगर उस पर खतरा आया तो। मैं उन सभी पारंपरिक गतिविधियों पर फिर से नियंत्रण करूंगा, जो धर्म से जुड़ी हैं। अगर कट्टरपंथ की वजह से गृहयुद्ध हुआ, तो मैं अस्त्र-शस्त्र से अपनी, अपने परिवार, धर्म और राष्ट्र की रक्षा करूंगा।"

संगठन ने कहा, "हमें भीम और मेम में बांटने की कोशिश हो रही है। जो भाई थे, वो हमारे भाई हैं। हम उनके साथ हैं। हम उनकी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे। हम बच्चों की शादी समय पर करने और उनसे कम से कम दो से चार बच्चे पैदा करने की बात करेंगे। वक्फ बोर्ड को खत्म करने के लिए मुहिम शुरू करने का आह्वान करेंगे। हम वक्फ की संपत्ति को अस्पताल, स्कूल, दलितों, गरीबों और आदिवासियों में बांटेंगे।"
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मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा बिल
उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों के कुछ सुझावों को शामिल करने के बाद सरकार ने वक्फ विधेयक में संशोधनों को लेकर संयुक्त संसदीय समिति द्वारा दिए गए सुझावों को स्वीकार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि इसी आधार पर सरकार द्वारा वक्फ विधेयक को ईद के बाद संभवत: मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। कोशिश यह होगी कि इस सत्र में विधेयक को कम से कम एक सदन से पारित करा लिया जाए। वक्फ संशोधन विधेयक को अगस्त 2024 में जेपीसी के पास भेजा गया था।
विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल की जरूरत जेपीसी ने बजट सत्र के पहले सप्ताह में ही अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। बताया जा रहा है कि सरकार ने रिपोर्ट देख ली है और उसके अनुसार पुराने विधेयक में कुछ बदलाव करने की तैयारी कर ली गई है। विपक्षी दलों को इस बात का अहसास है कि सरकार के पास किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।