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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi: गजेंद्र शेखावत मानहानि केस में आया नया मोड़, अशोक गहलोत के खिलाफ आदेश पारित करने से अदालत ने न्यायाधीश को रोका

    By Vineet TripathiEdited By: Abhi Malviya
    Updated: Sat, 14 Oct 2023 10:34 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दायर मानहानि मामले में शनिवार को एक नया मोड़ आया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दायर पुनरीक्षण ...और पढ़ें

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने दिया निर्देश
    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने दिया निर्देश

    HighLights

    1. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने दिया निर्देश
    2. अदालत ने कहा- सुनवाई की अगली तारीख तक अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दायर मानहानि मामले में शनिवार को एक नया मोड़ आया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू की सत्र अदालत ने शनिवार को एक मजिस्ट्रेट अदालत को अशोक गहलोत के विरुद्ध अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया।

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके नागपाल ने निर्देश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख तक अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम के नागपाल ने मजिस्ट्रेट अदालत को इस मामले में दलीलें सुनना जारी रखने की अनुमति दी कि क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ नोटिस तैयार किया जाए।

    अदालत ने दिया ये निर्देश

    अदालत ने कहा कि यह निर्देश दिया जा रहा है कि मजिस्ट्रेट अदालत आइपीसी की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपराध करने के लिए याचिकाकर्ता अशोक गहलोत पर आरोप का नोटिस देने की आवश्यकता पर दलीलें सुनना जारी रख सकती है, लेकिन वर्तमान पुनरीक्षण याचिका में सुनवाई की अगली तारीख तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा।

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    अदालत ने पहले शिकायत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन गहलोत को वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने की अनुमति दी थी। पूरा मामला केंद्रीय मंत्री और राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता शेखावत द्वारा गहलोत के विरुद्ध दायर मानहानि मामले से जुड़ा है।

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    गहलोत ने शेखावत को राज्य में संजीवनी घोटाले से जोड़ा था। यह मामला संजीवनी क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी द्वारा हजारों निवेशकों को लगभग 900 करोड़ रुपये का चूना लगाने से संबंधित है।

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    रिपोर्ट इनपुट-  विनीत