यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Parliament Security Breach: संसद की सुरक्षा चूक मामले में UAPA के तहत मामला दर्ज, आरोपियों से देर रात तक पूछताछ जारी
Parliament Security Breach संसद भवन के अंदर और बाहर कलर स्मोक क्रैकर छोड़ने व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के मामले ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) समे ...और पढ़ें

HighLights
- संसद भवन की सुरक्षा में चूक का मामला होने के कारण चुप्पी साधे रही सभी एजेंसियां।
- देर रात दिल्ली पुलिस ने शिकायत की फाइल तैयार कर कैबिनेट सचिव के पास भेजी।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल करेगी इस मामले की जांच।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Parliament Security Breach: संसद भवन के अंदर और बाहर कलर स्मोक क्रैकर छोड़ने व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के मामले ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) समेत सभी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाकर रख दी है। चार आरोपितों को मौके से ही दबोच लेने के बाद उनसे विभिन्न एजेंसियां पूछताछ शुरू कर दी। आरोपियों के खिलाफ स्पेशल सेल में 120B यानी आपराधिक साजिश रचने और यूएपीए (UAPA) लगाया है।
इस मामले में देर रात तक दिल्ली पुलिस ने अधिकारिक रूप से यह जानकारी नहीं दी कि पकड़े गए छह आरोपितों के खिलाफ किन-किन धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक स्पेशल सेल से मामले की जांच कराने की बात कही जा रही है।

संसद में हंगामें के बाद संसद भवन के चारो ओर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई, संसद के समीप तैनात सीआईएसएफ का जवान।
कैबिनेट सचिव के पास भेजी फाइल
सूत्रों के मुताबिक देर रात दिल्ली पुलिस ने शिकायत की फाइल तैयार कर कैबिनेट सचिव के पास भेज दी। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
संसद मार्ग थाने ले जाया गया
सबसे पहले दोपहर करीब साढे 12 बजे ट्रासंपोर्ट भवन से आगे संसद भवन के गेट नंबर-एक के पास दिल्ली पुलिस के जवानों ने नीलम व अमोल शिंदे को तब दबोचा, जब उन्होंने पीले व लाल रंग के स्मोक क्रैकर से धुआं छोड़ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले आया गया।
पुलिस और एजेंसियां कर रहीं पूछताछ
उनके पकड़े जाने की सूचना मिलते ही मीडिया कर्मी जब संसद मार्ग थाने पहुंचे तब थाने के गेट पर बैरिकेड लगा कर दिल्ली पुलिस व पैरा मिलिट्री की तैनाती कर दी गई। कुछ ही देरी में वहां आईबी, स्पेशल सेल की टीमें पहुंचीं और दोनों से बारी-बारी से पूछताछ की। उसके बाद जिला पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर उसके नेटवर्क व साजिश के बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ में जुटी रही।
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सदन में छोड़ा धुआं और की नारेबाजी
उक्त घटना के आधे घंटे बाद दोपहर एक बजे संसद भवन के दर्शक दीर्घा से कूदकर संसद की कार्यवाही के दौरान सांसदों के मेज पर आकर जूता निकाल स्मोक क्रैकर से पीले रंग का धुआं छोड़ने व नारेबाजी करने पर सुरक्षा कर्मियों ने सागर शर्मा व मनोरंजन को भी दबोच लिया।
2001 में हमले के बाद सुरक्षा के नियम कड़े किए
संसद पर 2001 में हमले के बाद से सुरक्षा के नियम कड़े कर दिए गए गए। पहले संसद भवन की आंतरिक सुरक्षा में अधिकतर विभिन्न पैरा मिलिट्री के जवान ही रहते थे। उक्त घटना के बाद पार्लियामेंट्री सिक्योरिटी की तैनाती कर दी गई। इसकी अलग से भर्ती है। इसमें किसी भी अन्य फोर्स को शामिल नहीं किया जाता है।
पहले सिक्योरिटी फोर्स ने की पूछताछ
चेकिंग से लेकर सारी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। लिहाजा दोनों से पार्लियामेंट्री सिक्योरिटी फोर्स ही पहले कई घंटे तक पूछताछ करती रही। उसके बाद विभिन्न एजेंसियों द्वारा पूछताछ करने के बाद उन्हें शाम को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूचना मिलते ही दोपहर में गृह सचिव अजय भल्ला व पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा भी संसद भवन पहुंच गए।
28 कंपनियों की रहती है तैनाती
उसके बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों की इस मसले को लेकर घंटों बैठक होती रही। नई दिल्ली जिले में संसद भवन के चारों तरफ करीब 28 कंपनियां पैरा मिलिट्री के अवाला बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस की तैनाती रहती है बावजूद आरोपितों ने इस तरह की घटना को अंजाम दे दिया।