दिल्ली में पेट्रोल-डीजल बचाने को NDMC ने लागू किया Work From Home फॉर्मूला; कौन-से कर्मचारी करेंगे घर से काम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद एनडीएमसी ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अब एक तिहाई कर्मचारी कार्यालय आएंगे जबकि शेष घर से काम करे ...और पढ़ें
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नगर पालिका परिषद ने ईंधन बचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद कुछ जरुरी कदम उठाने का निर्णय लिया है।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी/NDMC) ने ईंधन बचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद कुछ जरुरी कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब जरुरी सेवाओं को छोड़कर एक तिहाई स्टाफ को ही दफ्तर में बुलाया जाएगा। शेष कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा जाएगा।
आईटी विभाग इसकी व्यवस्था कर रहा है कि कर्मचारी घर से काम कर सकें। इसके तहत कर्मचारियों का रोस्टर बनाया जाएगा। इसमें तय किया जाएगा कि कौन कर्मचारी कब आएगा और कब तक घर से काम करेगा। सभी विभागों से इसका रोस्टर मांगा गया है।
साथ ही, कर्मचारियों और अधिकारियों से निजी और सरकारी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन मेट्रो और बस से चलने की अपील की गई है।
एनडीएमसी इलाके में रहने वाले कर्मचारियों को बस से दफ्तर लाने और ले जाने के लिए ई-शटल सेवा शुरू करने पर विचार चल रहा है।
वहीं, अधिकारियों को निरीक्षण के लिए केवल एक 11 सीटर बस का ही उपयोग करना होगा। वह सरकारी डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों से नहीं चलेंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के अनुरूप दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग का उपयोग करने की अपील की है।
इसके पीछे अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद बदले वैश्विक हालात और प्रदेश में वायु गुणवत्ता में सुधार दो कारण बताये जा रहे हैं। अब राजधानी की नगर पालिका परिषद का यह फैसला भी अन्य विभागों के लिए नजीर बन सकता है।