नीट पेपर लीक मामले में आरोपित पीवी कुलकर्णी समेत दो आरोपितों की न्यायिक हिरासत बढ़ी, CBI की मांग पर मुहर
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। सीबीआई की मांग पर विशेष न्याया ...और पढ़ें

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी।
HighLights
पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की हिरासत बढ़ी।
सीबीआई ने 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत मांगी थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की मांग मानी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। दोनों को विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां सीबीआई की ओर से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग स्वीकार कर ली गई।
सीबीआई के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर निवासी पीवी कुलकर्णी रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ हैं और कई वर्षों तक नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे। उन्हें पिछले माह पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, शिवराज मोटेगांवकर को मई में लातूर से गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी का दावा है कि मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ था। सीबीआई के अनुसार, वह पेपर लीक और उसके प्रसार में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था और अपने कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्रश्नपत्र व उत्तर प्रसारित करने में उसकी अहम भूमिका थी। सीबीआई अब तक इस मामले में 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा तीन मई को आयोजित हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को परीक्षा रद कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। सीबीआई पूरे पेपर लीक नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।