ओल्ड राजेंद्र नगर में जलभराव का डर बरकरार, प्रशासन के दावों की खुली पोल
ओल्ड राजेंद्र नगर में दो साल पहले हुए जलभराव हादसे के बाद भी छात्र डर के साये में जी रहे हैं। प्रशासन के दावों के बावजूद पहली बारिश में ही अंदरूनी गलि ...और पढ़ें

ओल्ड राजेंदर नगर में आज भी डर के साए में रह रहे परीक्षार्थी।
HighLights
दो साल पहले हुए हादसे के बाद भी डर।
पहली बारिश में ही गलियों में घुटनों तक पानी।
छात्रों को गंदे पानी से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यूपीएससी की तैयारी कर रहे देश भर के युवाओं की उम्मीदों का केंद्र और सपनों की नगरी कहा जाने वाला ओल्ड राजेंद्र नगर के प्रतियोगी छात्र- छात्राएं आज भी डर के साये में जीने को मजबूर है। दो साल पहले वर्ष 2024 में राव आइएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट के जलमग्न हो जाने से उसमें फंसकर जान गंवाने वाले तीन छात्रों की वो दर्दनाक तस्वीर आज भी यहां के छात्र व स्थानीय निवासियों के जेहन में जिंदा हैं।
हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी, जल बोर्ड व एमसीडी ने नालों की सफाई, सीवर सुधार और जलभराव खत्म करने के बड़े वादे के साथ बदलाव भी किए, पर सीजन की पहली मूसलाधार वर्षा ने प्रशासनिक दावों, वादों की पोल खोल दी। वैसे, जलभराव मुख्य मार्ग से सिमट कर ओल्ड राजेंद्र नगर की गलियों तक में आ गया।
कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में छात्रों की उपस्थिति कम ही रही
मुख्य मार्ग पर नगर निगम के कर्मचारी बड़े- बड़े पंप और मशीनें लेकर सचेत दिखे और तीन पंप चलाकर पानी निकालना शुरू किया, जिससे वहां जलभराव नहीं हुआ। वर्षा के चलते कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में छात्रों की उपस्थिति कम ही रही।
इस बीच, अंदरूनी गलियों में जलभराव ने बता दिया कि सुधार मुख्य मार्ग पर ही रूक गया है। जिसके चलते गलियों में घुटने भर तक गंदा और बदबूदार पानी जमा हो गया। जो छात्र और छोटे स्कूली बच्चे बाहर निकलने, उन्हें कमर भर गंदे पानी में से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ा।