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मालवीय नगर अग्निकांड के बाद पहाड़गंज में भी बेचैनी, लॉजिंग हाउस ओनर्स एसोसिएशन ने दी एनओसी पर सफाई

Published: Thu, 04 Jun 2026 02:46 PM (IST)

मालवीय नगर आग की घटना के बाद, पहाड़गंज लॉजिंग हाउस ओनर्स एसोसिएशन ने क्षेत्र के पंजीकृत होटलों और गेस्ट हाउसों की फायर सेफ्टी का मजबूती से बचाव किया है।

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद होटल कारोबार में खड़बड़ी मच गई है। फाइल फोटो

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद होटल कारोबार में खड़बड़ी मच गई है। फाइल फोटो

HighLights

  1. पहाड़गंज एसोसिएशन ने होटलों की अग्नि सुरक्षा का बचाव किया।

  2. सभी गेस्ट हाउसों के पास आवश्यक फायर एनओसी मौजूद हैं।

  3. मालवीय नगर घटना बीएंडबी स्कीम के दायरे से बाहर थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मालवीय नगर में हुई आग की घटना के बाद पहाड़गंज लॉजिंग हाउस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्षेत्र के पंजीकृत होटलों और गेस्ट हाउसों के फायर सेफ्टी मानकों का मजबूती से बचाव किया है। साथ ही उन्होंने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) स्थापनाओं के लिए अलग नियमों की भी स्पष्ट जानकारी दी। हालांकि, इस हादसे के बाद सभी विभाग गहन जांच में जुट गए हैं। ऐसे में होटल कारोबार में खड़बड़ी मच गई है।

एक विशेष साक्षात्कार में अनिल शर्मा ने कहा कि पहाड़गंज के सभी गेस्ट हाउसों के पास आवश्यक फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया में चर्चा हो रही अनधिकृत बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालन की तरह यहां कोई भी गतिविधि नहीं चल रही है। शर्मा ने कहा, "पहाड़गंज में सभी गेस्ट हाउसों के पास जरूरी फायर एनओसी हैं। चर्चा में आ रहे तरीके से कोई बेड एंड ब्रेकफास्ट स्थापना संचालित नहीं हो रही है।"

उन्होंने नियमों के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि होटलों और बेड एंड ब्रेकफास्ट के लिए फायर सेफ्टी मानक काफी अलग-अलग हैं। छोटे बीएंडबी सेटअप के लिए फायर एनओसी सामान्यतः अनिवार्य नहीं है, लेकिन होटल चलाने के लिए यह प्राथमिक आवश्यकता है, जिसके बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से लाइसेंस लेना पड़ता है। पहाड़गंज के होटल फायर एनओसी, एमसीडी लाइसेंस और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के मानकों का पालन करते हैं।

शर्मा ने बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम का उद्देश्य भी बताया, जो पर्यटन विभाग द्वारा नियंत्रित है। इस स्कीम के तहत घर के मालिक अपनी आवासीय संपत्ति में 4-6 कमरे किराये पर दे सकते हैं, जिसमें मालिक भी उसी परिसर में रहता है। इसका मकसद परिवार की आय बढ़ाना और दिल्ली में पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान होटल रूम की कमी को पूरा करना है। पूरे दिल्ली में बीएंडबी लाइसेंस लिए जा सकते हैं।

हालांकि, उन्होंने बताया कि मालवीय नगर आग की घटना में शामिल स्थापना में लगभग 25 कमरे थे और उसके पास फायर एनओसी नहीं था, जो बीएंडबी स्कीम के उद्देश्य और दायरे से पूरी तरह बाहर है। यह बयान हालिया आग की घटना के बाद दिल्ली के होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र में फायर सेफ्टी अनुपालन की जांच के बीच आया है।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित पहाड़गंज बजट आवास और बैकपैकर्स का प्रमुख केंद्र है, जहां घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए कई लाइसेंस प्राप्त होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं। क्षेत्र के होटेलियर्स ने वैध संचालन और गैर-कानूनी गतिविधियों के बीच स्पष्ट विभेद के लिए नियमों के सख्त क्रियान्वयन की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से अनुपालन करने वाले प्रतिष्ठानों को समर्थन देने की अपील भी की है।

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