'झूठे आरोप लगाए, माफी भी नहीं मांगी', AAP नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ प्रवेश वर्मा ने कोर्ट में दिया बयान
प्रवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि मामले में कोर्ट में बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने कहा कि झूठे आरोपों से उनकी और परिवार की प्रतिष्ठा ...और पढ़ें

सौरभा भारद्वाज के खिलाफ प्रवेश वर्मा ने दर्ज कराया बयान। फोटो: आर्काइव
HighLights
प्रवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि शिकायत दर्ज की
झूठे आरोपों से उनकी और परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची
अदालत ने गवाहों के बयान के लिए 15 जुलाई तय की
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत में शनिवार को राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।
प्रवेश वर्मा ने अदालत से कहा कि मई 2026 में सौरभ भारद्वाज ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके खिलाफ झूठे और आपत्तिजनक आरोप लगाए, जिससे उनकी व उनके परिवार की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
एसीजेएम के सामने दर्ज कराए बयान
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) नेहा मित्तल के समक्ष दर्ज बयान में प्रवेश वर्मा ने कहा कि उन्हें मानहानिकारक पोस्ट की जानकारी उनके मित्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिली, जिन्होंने वाट्सएप पर पोस्ट का लिंक भेजा। उन्होंने कहा कि पोस्ट देखने के बाद कई परिचित उनसे मिलने आए और उन्हें लगा कि वह एक निजी स्कूल से जुड़े पाक्सो मामले में शामिल हैं।
प्रवेश वर्मा ने अदालत को बताया कि उन्होंने चार बार चुनाव लड़ा है और उनके परिवार की सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठा रही है। इसके बावजूद सौरभ भारद्वाज ने उनकी पूर्व लोकसभा क्षेत्र पश्चिमी दिल्ली के एक स्कूल में हुई पाक्सो से जुड़ी घटना में उनका नाम जोड़ते हुए आरोप लगाया कि वह आरोपित की मदद कर रहे हैं और संबंधित स्कूल के ट्रस्ट से उनका संबंध है।
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प्रवेश वर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनका और उनके परिवार का एसएस मोटा सिंह स्कूल या उसके ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
उन्होंने यह भी कहा कि सौरभ भारद्वाज ने कानूनी नोटिस मिलने के बाद भी न तो आरोप वापस लिए और न ही माफी मांगी। उल्टे यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रस्ट से संबंधित फाइलें गायब करवाईं, जो पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण आरोप है।
प्रवेश वर्मा ने अपनी शिकायत के साथ 15 मई के वीडियो क्लिप और सौरभ भारद्वाज के इंटरनेट मीडिया पोस्ट भी अदालत में रिकार्ड पर रखे हैं। अदालत ने अब मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए अगली सुनवाई 15 जुलाई तय की है।