दिल्ली में चलती रहेगी ट्रिपल इंजन की सरकार, नए मेयर प्रवेश वाही के सामने होंगे ये चैलेंज
दिल्ली में भाजपा के प्रवेश वाही महापौर चुने गए, जबकि मोनिका पंत निर्विरोध उप महापौर बनीं, जिससे दिल्ली में 'ट्रिपल इंजन सरकार' जारी रहेगी। वाही ने सील ...और पढ़ें
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सिविक सेंटर में नवनिर्वाचित महापौर प्रवेश वाही व उपमहापौर मोनिका पंत, स्थायी समिति के सदस्य जय भगवान यादव व मनीष चड्ढा के साथ प्रदेशा भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा व सांसद योगेंद्र चांदोलिया। जागरण
HighLights
94 प्रतिशत से अधिक मतों से महापौर पद वाही जीते, उप महापौर निर्विरोध
मतदान से आप रही दूर, भाजपा में शामिल स्वाति मालीवाल ने भी डाला वोट
बोले वाही, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केवल हो रहा है सर्वेक्षण, नहीं होगी सीलिंग
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार दूसरे वर्ष भी ट्रिपल इंजन की सरकार जारी रहेगी। इस बार एमसीडी का इंजन प्रवेश वाही के हाथ में होगा। महापौर चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी प्रवेश वाही ने करीब 95 प्रतिशत मतों से जीत दर्ज की है। हालांकि उप महापौर चुनाव में भाजपा की मोनिका पंत कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा नाम वापस लेने पर निर्विरोध जीत दर्ज की।
स्थायी समिति के तीन सदस्य पदों पर तीन ही नामांकन होने पर भाजपा के दो प्रत्याशी मनीष चड्ढा और नेता सदन जयभगवान यादव निर्विरोध जीत दर्ज की। वहीं, आप के भी एक प्रत्याशी जलज कुमार ने निर्विरोध जीत दर्ज की।

दिल्ली विधानसभा में भाजपा की सत्ता आने के बाद पिछले वर्ष राजा इकबाल सिंह के महापौर पद पर जीतने से दिल्ली में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार का कार्यकाल शुरू हुआ था।
महापौर चुनाव के लिए दिल्ली नगर निगम की सदन की बैठक दोपहर दो बजे शुरू हुई। इसमें पूर्व की घोषणा के अनुसार आप ने चुनाव से दूरी बनाते सदन में प्रवेश नहीं किया। जबकि कांग्रेस और इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के पार्षदों ने मतदान में हिस्सा लिया।
भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वाही को मिले 156 वोट
मतदान की प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी बने राजा इकबाल सिंह ने शुरू कराई। इसमें भाजपा के लोकसभा सांसदों और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने वोट डाले। इसके बाद विधायकों और पार्षदों ने अपनी बारी पर वोट डाले। कुल 274 में से कुल 165 वोट डाले गए।
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जिसमें महापौर पद पर भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वाही ने 156 वोट प्राप्त किए। जबकि कांग्रेस के मो. जरीफ ने नौ ही वोट प्राप्त किए। यानि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी ने भी भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया। जबकि उप महापौर पद पर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश गुप्ता द्वारा नाम वापस लेने पर भाजपा प्रत्याशी मोनिका पंत ने निर्विरोध जीत दर्ज की।
मेयर बनने के बाद क्या बोले वाही?
महापौर निर्वाचित होने के बाद प्रवेश वाही ने कहा कि आप सरकार के दौरान सफाई व्यवस्था बहुत खराब हो गई थी। ऐसे में पिछले एक वर्ष में भाजपा सरकार में काफी सुधार शुरू हुआ है इसे और सुधार करेंगे। इसके लिए 50 करोड़ की लागत से मशीनरी लाई जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए लगी प्राइवेट कंपनियों को चेतावनी दी वह सफाई व्यवस्था में कोई कोताही न बरतें। नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी। वाही ने यह भी दोहराया कि वर्ष 2027 तक दिल्ली के तीनों कूड़े के पहाड़ खत्म हो जाएंगे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली में रिहायशी संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग को लेकर हो रहे एमसीडी के सर्वे में वाही ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर केवल सर्वे हो रहा है। सीलिंग का कोई आदेश नहीं है। इसलिए सीलिंग नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इसको लेकर व्यापारियों में भय का माहौल है इसलिए वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि कोई सीलिंग नहीं होगी। वहीं, वाही ने आर्थिक संकट से निगम को उभारने के लिए लीकेज खत्म करने और राजस्व बढ़ाने पर जोर देने की बात कही। साथ ही निगम के भ्रष्ट अधिकारियों पर जीरो टालरेंस की नीति से काम करने की बात कही। महापौर निर्वाचित होने के बाद वाही ने अतिरिक्त आयुक्त औऱ अन्य अधिकारियों के साथ मरघट बाबा मंदिर यमुना बाजार में दर्शन किए।
कमेटी के चेयरमैन से लेकर निगम के शीर्ष पद पर आसीन हुए वाही
प्रवेश वाही दिल्ली के नए महापौर बन गए हैं। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है। वह तीसरी बार के पार्षद हैं। उनकी राजनीतिक शुरुआत वैसे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव की वजह 2000 के आसपास विहिप से खंड प्रमुख के तौर पर हुई। वह पूर्वकालिक उत्तरी निगम के स्थायी समिति के चेयरमैन 2016 में रहे।
इससे पहले वह 2010 से 2012 तक रोहिणी जोन के चेयरमैन भी रहे हैं। जबकि वह 2014 में निर्माण समिति के चेयरमैन भी रहे हैं। वह 2025 में एकीकृत निगम के भाजपा के पहले नेता सदन बने थे। शिवाजी कॉलेज से स्नातक प्रवेश वाही निगम स्कूल से ही पढ़े हैं। वहीं, उपमहापौर बनी मोनिका पंत आनंद विहार वार्ड पार्षद है। वह पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक भी है। महिला मोर्चा में दिल्ली भाजपा में महामंत्री वह रही है।
वाही की प्राथमिकताएं
भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति से काम करना
सफाई व्यवस्था को बेहतर करना और समयबद्ध तरीके से कूड़े के पहाड़ समाप्त करना
निगम की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए लीकेज समाप्त करना
नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना
एमसीडी की छवि को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों के सुझावों के साथ काम करना
वाही की चुनौतियां
- निगम पर 15 हजार करोड़ रुपये का कर्ज हैं, इस कर्ज को उतारने के लिए निगम की आय बढ़ाना
- दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करना और अधिक से अधिक फंड निगम की योजनाओं के लिए लेकर आना
- भवन समेत दूसरे विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना
- निगम के पार्कों की स्थिति को सुधारना
- एमसीडी में रिक्त पदों को भरना और कर्मियों की समयबद्ध तरीके से पदोन्नति करना
- दिल्ली की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को लागू करना
महापौर पद पर किसको कितने मिले वोट?
- कुल वोटः 274
- कुल डाले गए वोट- 165
- भाजपा प्रत्याशी को मिले वोट- 156
- कांग्रेस प्रत्याशी को मिले वोट- 9
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