डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का पहला पोस्ट, सोशल मीडिया पर हो गया वायरल
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने सचिवालय को चिट्ठी लिखकर उन्हें बोलने का समय न दे ...और पढ़ें

आप सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए। (फाइल फोटो)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पंजाब से सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को पार्टी ने गुरुवार को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया। आम आदमी पार्टी ने इस फैसले के साथ राज्यसभा सचिवालय को चिट्ठी लिखकर राघव चड्ढा को पार्टी के कोटा से बोलने का समय नहीं दिए जाने की मांग की है। पार्टी के इस कदम के बाद राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट से पहला पोस्ट किया है।
इस वीडियो में राघव चड्ढा बिना अपनी बर्खास्तगी या पार्टी नेतृत्व के साथ किसी भी तरह के तनाव का जिक्र करते नजर नहीं आए। वीडियो में राज्यसभा में चड्ढा के हाल ही में उठाए गए जनसरोकार से जुड़े मुद्दों के छोटे-छोटे क्लिप्स की एक सीरीज है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 2, 2026
वीडियो में उन्हें ऐसे मुद्दे उठाते हुए दिखाया गया है जो आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर बड़े पैमाने पर असर डालते हैं। वीडियो के एक हिस्से में मोबाइल डेटा पैकेज की समय सीमा खत्म होने से जुड़े नियमों की बात की गई है। दूसरा हिस्सा क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स की काम करने की स्थिति पर केंद्रित है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वीडियो
आप नेता के इस वीडियो पोस्ट को एक घंटे के अंदर एक लाख 47 हजार लोग देख और लगभग दो हजार लोग रीपोस्ट कर चुके हैं। साथ ही इस पोस्ट को सात हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और लगभग 900 लोगों ने कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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राघव चड्ढा द्वारा संसद में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
- गिग वर्कर्स का मुद्दा: राघव ने ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों के साथ काम करने वाले डिलिवरी पार्टनर्स के लिए कम वेतन, 10 मिनट की डिलिवरी मॉडल और सामाजिक सुरक्षा की कमी के बारे में चिंता जताई।
- डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स: आप नेता ने गलत कंटेंट टेकडाउन से शिक्षकों और इन्फ्लुएंसर्स की रक्षा के लिए कॉपीराइट अधिनियम, 1957 में संशोधन की मांग की।
- स्वास्थ्य क्षेत्र: उन्होंने "वन नेशन, वन हेल्थ ट्रीटमेंट" की वकालत की और निजी अस्पतालों की स्थिति और प्रथाओं पर चिंता जताई।
- खाद्य पदार्थों में मिलावट: राघव ने राज्यसभा में खाद्य पदार्थों में मिलावट, जिसमें यूरिया और अन्य हानिकारक पदार्थों का उपयोग का मुद्दा उठाया था।
- एयरपोर्ट पर सस्ता खाना: राघव ने प्रस्ताव रखा था कि सभी 150+ एयरपोर्ट के प्रस्थान क्षेत्रों में यात्रियों के लिए सस्ते भोजन के विकल्प उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
- 28-दिन की रिचार्ज समस्या: राघव ने सुझाव दिया कि मोबाइल रिचार्ज प्लान 28 दिनों के बजाय पूरे कैलेंडर महीने (30 या 31 दिन) के लिए वैध होने चाहिए और न इस्तेमाल किया गया डेटा आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
- बैंक पेनल्टी: उन्होंने न्यूनतम बैंक बैलेंस न रखने के लिए लगाए जाने वाले पेनल्टी को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा।
- ज्वाइंट इनकम टैक्स रिटर्न: राघव ने सुझाव दिया कि विवाहित जोड़े के लिए ज्वाइंट इनकम टैक्स रिटर्न का विकल्प पेश किया जाना चाहिए।
- पितृत्व अवकाश: उन्होंने तर्क दिया कि पितृत्व अवकाश को भारत में एक कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए।