राजेंद्र नगर हादसे में कोर्ट के आदेश के बाद नया मोड़, 3 MCD इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच जारी
सीबीआई की पूरक जांच रिपोर्ट में ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे के लिए तीन MCD इंजीनियरों को कर्तव्य में लापरवाही का दोषी ठहराया गया है। ...और पढ़ें

सीबीआई ने अपनी पूरक अंतिम जांच रिपोर्ट में नगर निगम (एमसीडी) के तीन इंजीनियरों को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी ठहराया है।
HighLights
सीबीआई ने 3 MCD इंजीनियरों को लापरवाही का दोषी पाया।
ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे की जांच रिपोर्ट।
दोषी इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे में सीबीआई ने अपनी पूरक अंतिम जांच रिपोर्ट में नगर निगम (एमसीडी) के तीन इंजीनियरों को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी ठहराया है। वहीं, तत्कालीन उपायुक्त (करोल बाग जोन) कुमार अभिषेक और तत्कालीन सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अजय नागपाल को क्लीन चिट दी गई है। रिपोर्ट प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट की अदालत में दाखिल की गई है।
विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि करोल बाग जोन के तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) अर्नव दत्ता, सहायक अभियंता (एई) राजीव कुमार जैन और कार्यकारी अभियंता (ईई) कुमार महेंद्र ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। एजेंसी की सिफारिश पर एमसीडी ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है, जो अभी जारी है।
अधिकारी को जानकारी थी?
रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2023 में निरीक्षण के दौरान जेई अर्नव दत्ता को जानकारी थी कि बेसमेंट का उपयोग परीक्षा हाल के रूप में किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे केवल फर्नीचर स्टोरेज बताया। सीबीआई ने कहा कि निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरों में संस्थान के साइनबोर्ड से एग्जाम हाल शब्द हटाए या छिपाए गए थे, जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारी को वास्तविक उपयोग की जानकारी थी।
संस्थान ने अवैध गतिविधियां जारी रखीं
एजेंसी ने एई राजीव कुमार जैन पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। रिपोर्ट में कहा गया कि कई सुनवाई में शामिल होने और भवन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद उन्होंने बेसमेंट के अवैध उपयोग की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।
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वहीं, ईई कुमार महेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने लीज डीड और स्वीकृत नक्शे में स्पष्ट अंतर होने के बावजूद यह नहीं देखा कि जिस बेसमेंट को स्टोरेज और पार्किंग के लिए मंजूरी मिली थी, उसका उपयोग कोचिंग गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। सीबीआई के अनुसार इन अधिकारियों की लापरवाही ने संस्थान को अवैध गतिविधियां जारी रखने का अवसर दिया।
अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेज
हालांकि, जांच में तत्कालीन उपायुक्त कुमार अभिषेक और तत्कालीन सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अजय नागपाल की भूमिका में कोई लापरवाही नहीं मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही कार्रवाई की थी। उनके समक्ष बेसमेंट के परीक्षा हाॅल के रूप में उपयोग की जानकारी कभी नहीं रखी गई थी।
27 जुलाई 2024 को ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश का पानी भरने से तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए एमसीडी अधिकारियों की भूमिका, संभावित लापरवाही और भ्रष्टाचार के पहलुओं की भी जांच करने का निर्देश दिया था।