Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली के RML अस्पताल की बड़ी लापरवाही: जिंदा मरीज को कर दिया 'मृत' घोषित, थमा दिया डेथ सर्टिफिकेट

    Updated: Fri, 08 May 2026 12:28 AM (GMT+05:30)

    राजधानी के आरएमएल अस्पताल ने एक जीवित मरीज, जितेंद्र कुकरेती, को मृत घोषित कर डेथ समरी और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। ...और पढ़ें

    राजधानी के आरएमएल अस्पताल ने एक जीवित मरीज, जितेंद्र कुकरेती, को मृत घोषित कर डेथ समरी और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इमेज एआई

    राजधानी के आरएमएल अस्पताल ने एक जीवित मरीज, जितेंद्र कुकरेती, को मृत घोषित कर डेथ समरी और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित सरकारी डा. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल ने उपचारत मरीज जितेंद्र कुकरेती को मृत घोषित करते हुए उनकी डेथ समरी और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जबकि वह जीवित थे। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और उसकी दस्तावेजी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    आरएमएल से मिली जानकारी के अनुसार अशोक विहार निवासी 51 वर्षीय जितेंद्र कुकरेती पर अप्रैल 2026 में कुत्तों ने हमला कर दिया था। इसके बाद उन्हें 18 अप्रैल को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के दस्तावेजों में उन्हें जनरल सर्जरी विभाग में भर्ती दिखाया गया है।

    जारी 'डेथ समरी' में 23 अप्रैल 2026 को उनकी मृत्यु दर्ज कर दी गई। स्वजन का आरोप है कि उपचार के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन उचित देखभाल नहीं मिली। उनका आरोप है कि डिस्चार्ज प्रक्रिया के दौरान अस्पताल ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

    परिवार ने इसे केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक और चिकित्सीय लापरवाही बताया है। स्वजन के मुताबिक, यदि समय रहते मरीज को दूसरे अस्पताल न ले जाया जाता तो सच्चाई सामने नहीं आती। दूसरे अस्पताल में उपचार के बाद मरीज की जान बच गई। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली, रिकार्ड सत्यापन और मरीज सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    खबरें और भी

    स्वजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में अस्पताल का पक्ष जानने के लिए आरएमएल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. विवेक दीवान को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। अस्पताल के जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारियों ने भी फोन नहीं उठाया। मैसेज करने पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।

    यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने घर में लगाई फांसी, मौत की वजह बनी पहेली