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    कुख्यात रोहित गिरोह के बदमाशों को अवैध हथियार मुहैया कराने वाला आजम राजस्थान से गिरफ्तार, 25 मुकदमे हैं दर्ज

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:01 PM (IST)

    क्राइम ब्रांच ने दक्षिण दिल्ली के गैंगस्टर रोहित चौधरी गिरोह को अवैध हथियार मुहैया कराने वाले बदमाश आजम को राजस्थान के टपूकड़ा से गिरफ्तार किया है। आज ...और पढ़ें

    AI जनरेटेड।

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    HighLights

    1. रोहित चौधरी गिरोह का अवैध हथियार सप्लायर आजम गिरफ्तार।

    2. राजस्थान के टपूकड़ा से क्राइम ब्रांच ने दबोचा भगोड़ा अपराधी।

    3. आजम पर 25 से अधिक मामले, पुलिस पर हमला भी किया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी गिरोह के बदमाशों को अवैध हथियार मुहैया कराने वाले बदमाश आजम को क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के टपूकड़ा से गिरप्तार कर लिया है।

    वह फतेहपुर बेरी का घोषित बदमाश है। उस पर दिल्ली-एनसीआर के थानों में मारपीट, आर्म्स एक्ट, डकैती, लूट और चोरी के 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। पांच संगीन मामलों में वह वांछित था, जिस पर अदालत ने इसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था।

    बताया गया कि आजम एक साल से अधिक समय से फरार था। इस दौरान वह राजस्थान के अलवर, तिजारा और टपूकड़ा में ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था।

    दिल्ली का रहने वाला

    डीसीपी हर्ष इंदौरा का कहना है कि आजम रोहित चौधरी के लिए काम करता था और गिरोह के बदमाशों को अवैध हथियारों की सप्लाई में सक्रिय रूप से मदद कर रहा था। वह मूलरूप से चंदन होला, दक्षिण दिल्ली का रहने वाला है।

    2017 में फतेहपुर बेरी थाने के एक मामले में जमानत मिलने के बाद से वह फरार चल रहा था। वह पुलिसकर्मियों पर हमला करने और कानूनी कार्रवाई में बाधा डालने के कई मामलों में भी वांछित था।

    पुलिस टीम पर किया था हमला

    फतेहपुर बेरी थाने के बीट स्टाफ को साकेत कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट की तामील करने के लिए 15 सितंबर 2025 को आजम के घर भेजा गया था। उन पर आजम और उसके परिवार के सदस्यों ने हमला कर दिया था, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचा था।

    क्राइम ब्रांच ने दबोचा

    वहीं, गत दिनों क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि आजम, टपूकड़ा (राजस्थान) में छिपा हुआ है। एसीपी भगवती प्रसाद व इंस्पेक्टर पवन कुमार की टीम ने टपूकड़ा के जब अंजुमन अस्पताल के पास घेराबंदी की तब वह अस्पताल की छत पर था और पुलिस को देखकर पास की इमारतों की छतों पर कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। क्राइम ब्रांच की टीम ने सतर्कता दिखाते हुए पीछा कर उसे धर दबोचा।

    खबरें और भी

    पूछताछ में आजम ने बताया कि वह 2014 से आसान तरीके से पैसे कमाने के चक्कर में राहगीरों से मारपीट और चोरी की वारदातों में शामिल हो गया था। 2017 में कार-जैकिंग के मामले में गिरफ्तारी के दौरान वह जेल में उसकी मुलाकात रोहित चौधरी से हुई। जेल के अंदर उसने गिरोह की धमक बढ़ाने के लिए विरोधी गिरोहों के साथ हिंसक झड़पों में हिस्सा लिया।

    2022 में जेल से रिहा होने के बाद उसने वसंतकुंज इलाके में रंगदारी की वारदात को अंजाम दिया। 2025 में गश्त के दौरान एक चोरी की मोटरसाइकिल के साथ पकड़े जाने पर उसने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और फरार हो गया था। तब से वह राजस्थान के विभिन्न इलाकों में छिपकर रह रहा था।

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    2012, 2013 और 2014 के दौरान चोरी, आर्म्स एक्ट के तहत वसंत विहार, अमर कॉलोनी, सफदरजंग एन्क्लेव, मालवीय नगर, नेब सराय और महरौली थानों में कई मामले दर्ज हुए।

    2012 में 19 साल की उम्र में पहली बार चोरी के मामले में अपराध की दुनिया में कदम रखा। समय के साथ वह कुख्यात रोहित चौधरी गिरोह का मुख्य गुर्गा बन गया।