विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली का नया ट्रैफिक हॉटस्पॉट बन सकता है सराय काले खां, एक्सप्रेसवे-बारापुला कॉरिडोर से बढ़ेगा दबाव

Published: Sun, 30 Aug 2026 09:07 PM (IST)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कॉरिडोर के यातायात के जुड़ने से सराय काले खां में यातायात जाम की समस्या ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. सराय काले खां में यातायात जाम की समस्या बढ़ेगी।

  2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और बारापुला फेज-तीन से दबाव।

  3. पीडब्ल्यूडी समस्या समाधान के लिए अध्ययन करेगा।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। सराय काले खां आने वाले समय में दिल्ली के यातायात जाम के सबसे बड़े हाटस्पाट में बदल सकता है। पहले से भारी ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस इलाके में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कारिडोर का यातायात भी जुड़ने जा रहा है।

इससे सराय काले खां जंक्शन, बारापुला के लूप और रिंग रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने की पूरी आशंका है। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि इस समस्या के हल के लिए अध्ययन हाेने जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग दिशाओं से आने वाले यातायात का एक ही क्षेत्र में मिलना है। बारापुला फेज-तीन को सराय काले खां के पास मौजूदा बारापुला फेज-एक नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

ऐसे में लूप के ऊपर एम्स और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ेगा, जबकि इसके नीचे रिंग रोड पर आइटीअो की आेर आने वाली लेन पर मुंबई एक्सप्रेस-वे का पूरा असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल भी सामान्य समय में सराय काले खां के पास रिंग रोड पर वाहनों का भारी दबाव रहता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कैसे बढ़ेगा दबाव

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला नया यातायात सराय काले खां क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाएगा। एक्सप्रेसवे की ओर जाने और वहां से आने वाले वाहनों को रिंग रोड और आसपास के प्रमुख संपर्क मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। सराय काले खां में पहले ही डीएनडी, आश्रम, आइटीओ, एनएच-9 और दक्षिण दिल्ली की दिशाओं का यातायात मिलता है।

सराय काले खां के सामने आइएसबीटी, रेलवे स्टेशन, मेट्रो के साथ साथ आरआरटीएस का भी स्टेशन है। नए यातायात के जुड़ने से मर्जिंग प्वाइंट पर वाहनों की संख्या बढ़ेगी।

बारापुला फेज-तीन से लूप पर क्यों बढ़ेगा जाम

बारापुला फेज-एक के लूप के ऊपर सुबह के समय आइटीओ की ओर से तथा डीएनडी और आश्रम की दिशा से एम्स की अोेर जाने वाला यातायात एक साथ मिलता है, इससे जाम लगता है। अब बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कारिडोर को भी बारापुला फेज-एक से इसी लूप से जोड़ा जा रहा है।

इसके शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली और मयूर विहार की दिशा से आने वाला अतिरिक्त यातायात भी इसी नेटवर्क में शामिल होगा। एम्स और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को मौजूदा यातायात के साथ मर्ज होना पड़ेगा। यदि लूप पर वाहनों की गति धीमी हुई तो इसका असर नीचे रिंग रोड और आसपास के संपर्क मार्गों तक पहुंचेगा।

रिंग रोड पर अभी कितना है वाहनों का दबाव

सराय काले खां से आश्रम के बीच रिंग रोड दिल्ली के सबसे व्यस्त हिस्सों में शामिल है। विभिन्न ट्रैफिक आंकलनों में इस कारिडोर से प्रतिदिन करीब तीन लाख वाहनों के गुजरने का अनुमान सामने आया है। नए कारिडोर के बाद और बढ़ जाएगा।

क्या है समाधान, विशेषज्ञ क्या कहते हैं

लोक निर्माण विभाग के पूर्व प्रमुख अभियंता दिनेश कुमार की मानें ताे इस इलाके की जाम की समस्या के आैर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पांच साल पहले ही काम हो जाना चाहिए थाा। वह कहते हैं कि सराय काले खां की समस्या का समाधान केवल नया फ्लाईओवर बनाने से नहीं होगा। पूरे क्षेत्र का समग्र यातायात अध्ययन कर भविष्य में बढ़ने वाले वाहनों का अनुमान लगाना जरूरी है।

लोक निर्माण विभाग का बयान

लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यहां आने वाले समय में बढ़ने वाली जाम की समस्या उनके संज्ञान में आ चुकी है।उन्हाेंने कहा कि यहां जाम की समस्या के लिए बड़े स्तर पर काम करना होगा। इस समस्या के हल के लिए अध्ययन किया जाना हैै, इसके लिए सलाहकार नियुक्त करने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 1635 करोड़ की बारापुला एलिवेटेड रोड का होगा उद्घाटन

यह भी पढ़ें- एक दशक के लंबे इंतजार के बाद बारापुला फेज-3 कॉरिडोर तैयार, अगस्त में खुलेगा जनता के लिए