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    करीब 6 साल बाद जेल से बाहर आया शरजील इमाम, मुस्कुराया और विक्ट्री साइन बनाया; 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 01:56 PM (IST)

    शरजील इमाम को 2020 के दिल्ली दंगा मामले में 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली है। लगभग छह साल बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आए। कड़कड़डूमा अदालत ने उन्हें भाई क ...और पढ़ें

    HighLights

    1. शरजील इमाम को दिल्ली दंगा केस में अंतरिम जमानत मिली

    2. भाई की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिन की राहत

    3. जमानत पर कई शर्तें लागू, 30 मार्च तक आत्मसमर्पण

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी Sharjeel Imam को दिल्ली की अदालत से 10 दिन की अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह करीब छह साल बाद जेल से बाहर आया। अदालत ने उसे पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए यह राहत दी है।

    शुक्रवार को जब इमाम ने तिहाड़ जेल से बाहर कदम रखा तो मुस्कुराते हुए नजर आया और एक बार विक्ट्री साइन भी दिखाया। हालांकि उसने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया और सीधे कार में बैठकर वहां से निकल गया।

    भाई की शादी में शामिल होने के लिए मिली राहत

    दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 9 मार्च को इमाम को 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने उसे अपने भाई की शादी में शामिल होने और परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दी। बताया गया है कि उसके भाई की शादी 25 मार्च को है। इमाम ने अदालत से छह सप्ताह की राहत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उसे सीमित अवधि के लिए ही जमानत दी।

    अदालत ने लगाई शर्तें

    अंतरिम जमानत के साथ अदालत ने कई शर्तें भी लगाई हैं।

    • वह मामले से जुड़े किसी भी गवाह या व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा।
    • उसे जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नंबर देना होगा।
    • परिवार और करीबी रिश्तेदारों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने की अनुमति नहीं होगी।
    • सोशल मीडिया के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
    • 30 मार्च की शाम तक उसे दोबारा जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।

    2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा मामला

    इमाम पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शनों और चक्का जाम की रणनीति बनाने में भूमिका निभाई थी और विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों को लामबंद किया था।

    खबरें और भी

    पुलिस के अनुसार उसकी भूमिका दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी सक्रिय बताई गई है।  गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

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