दिल्ली में आज से SIR, क्या है पूरा प्रोसेस? इन 5 कारणों से कट सकता है आपका नाम
राजधानी दिल्ली में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी त ...और पढ़ें
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दिल्ली में आज से एसआईआर। एआई जनरेटेड
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट व प्रामाणिक बनाना है।
सोमवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने एक महीने तक चलने वाले इस अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की। उनके साथ संयुक्त सीईओ बलराम मीणा भी मौजूद रहे।
राजधानी के 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए 13,033 बीएलओ और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 32,429 बीएलए-2 घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
ऐसे होगा एसआइआर
बीएलओ आपको 'एन्युमरेशन फार्म' की दो कांपियां देंगे। इसमें एक बीएलओ के पास रहेगी, जबकि दूसरी बतौर रिसीविंग अपने पास रखें। इस फार्म के साथ कोई भी पहचान पत्र या दस्तावेज जमा नहीं करना है।
घर पर नहीं मिले तो तीन बार आएंगे बीएलओ
यदि सर्वे के दौरान आपका घर बंद मिलता है, तो बीएलओ फार्म को घर में डाल देंगे। वे फार्म कलेक्ट करने के लिए कम से कम तीन बार घर का चक्कर लगाएंगे।
इन पांच कारणों से कट सकता है नाम
- बीएलओ के तीन बार आने पर भी आपका अनुपस्थित मिलना।
- बिना पता बदलवाए दूसरी जगह शिफ्ट हो जाना।
- मतदाता की मृत्यु हो जाना।
- मतदाता सूची में दो जगह नाम होना।
- विदेशी नागरिक होना।
बेघरों और विस्थापितों के लिए विशेष व्यवस्था
अशोक कुमार ने बताया कि हाल ही में चले अतिक्रमण विरोधी अभियान के कारण जिनके घर टूटे हैं और वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए चुनाव आयोग से चर्चा कर विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बेघर लोगों ने जहां कहीं का भी या जिस 'पोल' (खंभे) का पता दिया है, वहां तक फार्म पहुंचाए जाएंगे, ताकि कोई भी मतदाता छूटने न पाए।
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इन तारीखों को रखें याद
- 30 जून से 29 जुलाई 2026 : बीएलओ का घर-घर जाकर सर्वे करना और फार्म बांटना।
- 5 अगस्त 2026 : प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
- 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 : सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय।
- 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 : प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा।
- 7 अक्टूबर 2026 : अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
वर्ष 2002 के बाद दिल्ली आए हैं तो ये करें
- चूंकि दिल्ली में ऐसा विशेष गहन पुनरीक्षण पिछली बार साल 2002 में हुआ था, इसलिए मतदाता को पुराने विवरण भरने होंगे
- यदि आप 2002 के बाद दिल्ली आए हैं तो फार्म में अपने मूल राज्य का विवरण दें, जहां आप पहले पंजीकृत थे। सभी राज्यों की सूची voters.eci.gov.in पर उपलब्ध है।
- यदि मतदाता का नाम 2002-2005 की पुरानी सूचियों में नहीं है, तो वे अपने माता-पिता या दादा-दादी के पुराने विवरणों (जैसे हाउस नंबर, एसी नंबर आदि) का हवाला देकर नाम जुड़वा सकते हैं।
- मतदाता का यदि पता बदल गया है और नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं आता है, वे 5 अगस्त के बाद 'दावे और आपत्तियां' दर्ज करते समय फार्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।
ऐसे खोजें पुराना रिकार्ड और नाम
मतदाता www.ceo.delhi.gov.in पर जाकर EPIC (वोटर आइडी) नंबर, नाम या पोलिंग स्टेशन के जरिए अपना पुराना (2002 का) रिकार्ड खोज सकते हैं। इसके अलावा 'ECINET' एप (गूगल प्ले स्टोर) और voters.eci.gov.in के जरिये भी आनलाइन फार्म भरा जा सकता है, जिसका बाद में बीएलओ भौतिक सत्यापन करेंगे।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल पंजीकृत मतदाता | 1.45 करोड़ |
| पुरुष मतदाता | 77,11,132 |
| महिला मतदाता | 67,98,142 |
| थर्ड जेंडर मतदाता | 1,024 |
| नए जुड़े मतदाता (जनवरी 2026 से 16 जून 2026 तक) | 2,48,992 |
स्रोत: दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय
हेल्पडेस्क और सहायता
- टोल-फ्री हेल्पलाइन : किसी भी पूछताछ के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1950 चालू है।
- बुक ए कॉल : 'ECINet' पोर्टल पर इस सुविधा के जरिए आप सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आपके एन्युमरेशन फार्म पर भी बीएलओ का नंबर लिखा होगा।
- विशेष हेल्पडेस्क : दिल्ली के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता केंद्रों पर भी सहायता केंद्र बनाए गए हैं।