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    सोनम वांगचुक का ग्लूकोज लेने से इनकार, ब्लड शुगर अब भी कम; एम्स-सफदरजंग के डॉक्टरों ने दिया हेल्थ अपडेट

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 10:00 AM (GMT+05:30)

    सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि चिकित्सकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई ह ...और पढ़ें

    सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों ने दिया अपडेट। फोटो: आर्काइव

    सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों ने दिया अपडेट। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति सफदरजंग अस्पताल में स्थिर

    2. निम्न रक्त शर्करा, पोटैशियम की कमी, निर्जलीकरण की समस्या

    3. विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार गहन निगरानी

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

    मंगलवार सुबह सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी उनके हेल्थ बुलेटिन में अस्पताल ने बताया कि उनके सभी महत्वपूर्ण जीवनरक्षक मानक (वाइटल पैरामीटर) स्थिर हैं, हालांकि उनकी ब्लड शुगर का स्तर अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।

    निगरानी और नियमित जांच जरूरी: डॉक्टर  

    हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, रक्त जांच में पोटैशियम का स्तर 3.2 एमईक्यू/एल दर्ज किया गया है। इसके अलावा उनमें लगातार पैनसाइटोपीनिया (रक्त की तीनों प्रमुख कोशिकाओं की कमी) के लक्षण बने हुए हैं।

    जिसमें एनीमिया और श्वेत रक्त कोशिकाओं (ल्यूकोसाइट) की संख्या कम होना शामिल है। चिकित्सकों के अनुसार इन असामान्य प्रयोगशाला जांच रिपोर्टों को देखते हुए उनकी लगातार निगरानी और नियमित जांच आवश्यक है।

    इंट्रावेन्स फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार 

    अस्पताल ने बताया कि सोनम वांगचुक को फिलहाल ओरल रिहाइड्रेशन साल्यूशन (ओआरएस) और मुंह से पोटैशियम सप्लीमेंट दिया जा रहा है। हालांकि, चिकित्सकों की बार-बार सलाह के बावजूद उन्होंने नसों के माध्यम से तरल पदार्थ (इंट्रावेनस फ्लूइड) और ग्लूकोज लेने से इनकार कर दिया है।

    हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि लंबे समय से जारी उपवास के कारण उन्हें अब भी हल्के से मध्यम स्तर का निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) है। ऐसे में संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान और उपचार के लिए उनका लगातार चिकित्सकीय पर्यवेक्षण और क्लीनिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है।

    सफदरजंग अस्पताल और एम्स के विशेषज्ञों की संयुक्त बहु-विषयक टीम उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल के अनुसार उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आगे के उपचार और किसी भी निर्णय का आधार उनकी चिकित्सकीय प्रगति और क्रमिक प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट रहेगी।

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