दुबई से गिरफ्तार हुआ सुकेश चंद्रशेखर का मुख्य हवाला ऑपरेटर, 200 करोड़ की ठगी में था शामिल
आर्थिक अपराध शाखा ने 200 करोड़ की ठगी के मामले में सुकेश चंद्रशेखर के मुख्य हवाला ऑपरेटर नवस कक्कट इस्माइल को दुबई से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

मोहम्मद नवास कक्कट को कोर्ट से ले जाती पुलिस। एएनआई

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दो सौ करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगी नवस कक्कट इस्माइल उर्फ नवस केआइ को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गिरफ्तार किया है।
आरोपित सुकेश चंद्रशेखर का मुख्य वित्तीय माध्यम और हवाला ऑपरेटर है। वह वर्ष 2021 से फरार था और ईओडब्ल्यू द्वारा उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया था। उसी के आधार पर इसे दुबई में गिरफ्तार किया गया है।
ईओडब्ल्यू के उपायुक्त अमित वर्मा के मुताबिक, सात अगस्त 2021 मकोका एक्ट के तहत स्पेशल सेल में मास्टरमाइंड सुकेश चंद्र शेखर और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
क्या था आरोप?
इन पर आरोप था कि सुकेश चंद्र शेखर रोहिणी जेल से वसूली का रैकेट चला रहा था। उसने अपने सह-आरोपित साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता अदिति सिंह से 217 करोड़ रुपये की रकम वसूली थी।
इस मामले में, अब तक कुल 22 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य सरगना सुकेश चंद्र शेखर और उसकी पत्नी लीना पालोज शामिल हैं।
मामले की जांच से पता चला कि आरोपित नवास कक्कट इस्माइल उसका मुख्य बिचौलिया और हवाला ऑपरेटर था, जिसने उसे अपराध से मिली रकम को ठिकाने लगाने और ट्रांसफर करने में मदद की।
जांच में आरोपित नवास सिंडिकेट में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया। उसने सुकेश चंद्र शेखर की ओर से भारत और विदेश, खासकर दुबई में हवाला लेन-देन का काम संभाला हुआ था।
ऐसे पकड़ा गया आरोपित
एफआइआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपित फरार चल रहा था। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि वह देश छोड़कर विदेश में रह रहा है। इसलिए नवास कक्कट के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करवाया।
इसके बाद, अबू धाबी के अधिकारियों से यह जानकारी मिली कि रेड कार्नर नोटिस में शामिल नवास कक्कट को हिरासत में लेकर संबंधित अधिकारी के सामने पेश किया गया है। इसके बाद, सीबीआइ के इंटरपोल डिवीजन के जरिए चार अप्रैल को आरोपित वापस नई दिल्ली हवाई अड्डे पर भेज दिया गया और उसे ईओडब्ल्यू ने इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
10 दिनों की रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि शुरुआत में वह कोच्चि, केरल में इंटीरियर प्रोडक्शन के कारोबार से जुड़ा था। बाद में लीना पालोस के जरिए वह सुकेश चंद्र शेखर के संपर्क में आया। तब से, वह सुकेश चंद्र शेखर और उसके गिरोह के लिए काम कर रहा था।
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शुरुआती पूछताछ के दौरान, उसने सुकेश चंद्र शेखर के साथ मिलकर इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसलिए, उसे अदालत में पेश किया गया और 10 दिनों की पुलिस हिरासत रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी की। यह भी आरोप है कि चंद्रशेखर और उनके साथियों ने सरकारी अधिकारी बनकर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह को उनके पति को जमानत दिलाने के नाम पर पैसे लिए।
उस समय पूर्व प्रमोटर मनी लांड्रिंग मामले में जेल में बंद थे। सुकेश के खिलाफ देशभर में कई अलग-अलग जांचें चल रही हैं। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है।
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