ताहिर हुसैन का घर, फोरेंसिक जांच और कोर्ट; अंकित शर्मा केस में क्यों रहा सबसे अहम?
ताहिर हुसैन का चांदबाग स्थित मकान 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और अंकित शर्मा हत्याकांड की जांच का अहम केंद्र रहा है। हालांकि, कोई संपत्ति संबंधी ...और पढ़ें

जांच एजेंसियों ने घटना के बाद इस मकान की फोरेंसिक जांच कर साक्ष्य जुटाए थे और अभियोजन ने अदालत में इसे घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। फाइल फोटो
HighLights
ताहिर हुसैन का मकान 2020 दिल्ली दंगों की जांच का केंद्र।
फोरेंसिक जांच में मकान से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए थे।
अदालत ने मकान को घटनाक्रम की अहम कड़ी माना।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बाद चांदबाग स्थित पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का मकान पूरे मामले की जांच और बाद की अदालती कार्यवाही का अहम केंद्र बना रहा। जांच एजेंसियों ने घटना के बाद इस मकान की फोरेंसिक जांच कर साक्ष्य जुटाए थे और अभियोजन ने अदालत में इसे घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
मार्च 2023 में आरोप तय करते समय अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से संकेत मिलता है कि ताहिर हुसैन घटना के समय अपने मकान पर मौजूद था और वहां एकत्र भीड़ की निगरानी कर रहा था। अदालत ने यह भी उल्लेख किया था कि जांच के अनुसार मकान की छत पर पत्थर, पेट्रोल बम और अन्य सामग्री जमा होने के आरोप हैं।
इसके बाद जुलाई 2023 में दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन के पास ऐसे पर्याप्त साक्ष्य हैं, जिन पर मुकदमे के दौरान विचार किया जाना आवश्यक है। वर्ष 2025 और 2026 में जमानत संबंधी सुनवाई के दौरान भी अदालत ने माना कि पहले के आदेशों के बाद परिस्थितियों में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, जिससे राहत दी जा सके।
सोमवार को अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषसिद्धि के फैसले के साथ यह मामला एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचा। हालांकि, इस फैसले में ताहिर हुसैन के मकान को लेकर कोई अलग संपत्ति संबंधी आदेश या टिप्पणी नहीं की गई।
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