तरुण हत्याकांड: हिंसा भड़काने के आरोपी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, 9 अप्रैल को कोर्ट सुनाएगी आदेश
द्वारका कोर्ट ने उत्तम नगर के तरुण हत्याकांड में भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने के आरोपी बाबू खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अ ...और पढ़ें

आरोपित की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाली बंसल की अदालत ने उत्तम नगर में हुए बहुचर्चित तरुण हत्याकांड के भीड़ हिंसा मामले में आरोपित बनाए गए बाबू खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आरोपित पर भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश को 9 अप्रैल को दोपहर 2 बजे सुनाए जाने के लिए सुरक्षित रखा है।
मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश जांच अधिकारी ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि अब तक आरोपित बाबू खान के खिलाफ जांच जारी है, ऐसे में अग्रिम जमानत का कोई आधार नहीं बनता और याचिका स्वीकार योग्य नहीं है।
पुलिस ने इस संबंध में अपना विस्तृत जवाब भी अदालत में दाखिल किया है।
क्या है मामला
यह मामला 26 वर्षीय तरुण खटीक की हत्या से जुड़ा है, जो अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते थे। 4 मार्च को उत्तम नगर की जेजे कालोनी में 20 से अधिक लोगों की भीड़ ने उन पर लाठी, डंडे, सरिए और अन्य हथियारों से हमला कर दिया था।
गंभीर रूप से घायल तरुण को उपचार के लिए माता चन्नन देवी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 5 मार्च को उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों ने बयान दिया है कि हमलावरों की भीड़ ने उनके घर के बाहर इकट्ठा होकर जातिसूचक टिप्पणियां कीं और फिर उन पर जानलेवा हमला किया था। फिलहाल अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो 9 अप्रैल को सुनाया जाएगा।