दिल्ली ब्लास्ट की आतंकी शाहीन से टीसीएस की HR निदा खान का कनेक्शन, स्पेशल सेल करेगी पूछताछ
टीसीएस की एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान पर 12 महिला कर्मचारियों ने उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया है। निदा खान का संबंध लाल किला बम धमाके की आर ...और पढ़ें

आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद और टीसीएस की एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान की फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान के पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद से जुड़ने के मामले की जांच करने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल नासिक जा सकती है।
निदा खान पर उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण करने का आरोप
निदा खान पर टीसीएस की 12 महिला कर्मियों ने उत्पीड़न व जबरन धर्मांतरण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। निदा खान, लाल किला बम धमाके की आरोपित डॉ. शाहीन शाहिद के साथ लंबे समय से जुड़ी रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से निदा खान फरार है। इस संबंध में नासिक पुलिस ने स्पेशल सेल को भी सूचित कर दिया है।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि नासिक टीसीएस में काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों ने महिला सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न करने और उन पर जबरन धर्म परिवर्तन (इस्लाम अपनाने) का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले में मास्टरमाइंड के रूप में एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान का नाम सामने आया है।
डॉ. शाहीन शाहिद के साथ लंबे समय से जुड़ी रही है निदा खान
इसके अलावा, कंपनी के अन्य टीम लीडर्स पर भी इसमें शामिल होने के आरोप हैं। 12 पीड़ितों ने नासिक पुलिस से शिकायत की है। इस मामले में नासिक पुलिस अब तक नौ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि फरार निदा खान का संबंध लाल किला बम धमाके की आरोपित डॉ. शाहीन शाहिद के साथ नासिक में रहा है।
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निदा खान उन कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में थी जो शाहीन के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े महिला विंग से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले को केवल व्यक्तिगत उत्पीड़न न मानकर, इसे एक ''हाइब्रिड'' या ''व्हाइट-कालर'' आतंकी साजिश के तौर पर देख रही है, जहां कॉर्पोरेट कार्यालयों का उपयोग कट्टरपंथ फैलाने और भर्ती करने के लिए किया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
निदा खान पर आरोप है कि वह विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को निशाना बनाती थी, उन्हें बरगलाती थी और उनपर इस्लामिक रीति-रिवाजों को अपनाने का दबाव बनाती थी। वह पीड़ितों को नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर करती थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, नामजद सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कंपनी के अधिकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच में सहयोग कर रहे हैं।
एसआईटी इस मामले में डिजिटल सुबूतों, वॉट्सएप चैट और अन्य आधिकारिक दस्तावेज को खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क की पूरी गहराई तक पहुंचा जा सके। यह मामला अब केवल एक कंपनी का आंतरिक मामला नहीं रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बन गया है, जिस पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां जैसे एनआईए भी जांच कर रही है।