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    'उमर खालिद और शरजील इमाम ने की थी तख्ता पलट की साजिश', दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का SC में किया विरोध

    Updated: Thu, 30 Oct 2025 08:21 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली दंगों की साजिश रची थी। पुलिस ने आरो ...और पढ़ें

    दिल्ली दंगा मामले में शीर्ष अदालत में दाखिल किया हलफनामा।

    दिल्ली दंगा मामले में शीर्ष अदालत में दाखिल किया हलफनामा।

    HighLights

    1. उमर खालिद, शरजील इमाम पर साजिश का आरोप।

    2. दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया।

    3. पुलिस ने दोनों को दंगों के मास्टरमाइंड बताया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगे की कथित साजिश से संबंधित यूएपीए मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं का विरोध किया।

    कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की आड़ में सत्ता परिवर्तन के जरिये देश की संप्रभुता और अखंडता पर हमला करने की साजिश रची।दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दायर एक हलफनामे में तर्क दिया कि आरोपियों द्वारा किए गए अपराधों में राज्य को अस्थिर करने का जानबूझकर प्रयास शामिल है।

    इसके लिए जमानत नहीं, बल्कि जेल की सजा मिलनी चाहिए। पुलिस ने कहा कि उसने आरोपितों के खिलाफ प्रत्यक्ष, दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं। इससे पता चलता है कि सांप्रदायिक आधार पर देशव्यापी दंगे भड़काने में उनकी संलिप्तता थी।

    खालिद, इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ के समक्ष सुनवाई होनी है। उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर को दंगों का मास्टरमाइंड बताते हुए गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और आइपीसी के प्रविधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की थी।

    दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपितों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश की, ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया जा सके और सीएए के मुद्दे को वैश्विक बनाया जा सके।

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