Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत पर फैसला सुरक्षित, आज ही आ सकता है कड़कड़डूमा कोर्ट का आदेश

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 03:09 PM (IST)

    कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ...और पढ़ें

    वर्ष 2020 के दंगा मामले से जुड़ी कथित साजिश में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की ताजा जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।

    वर्ष 2020 के दंगा मामले से जुड़ी कथित साजिश में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की ताजा जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।

    HighLights

    1. कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा।

    2. उमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत पर आज आ सकता है आदेश।

    3. दिल्ली दंगा साजिश मामले में सह-आरोपियों को मिल चुकी है राहत।

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के दंगा मामले से जुड़ी कथित साजिश में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की ताजा जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत द्वारा इस मामले में आदेश शनिवार को ही सुनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    सह आरोपितों को मिल चुकी है राहत

    सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से पेश अधिवक्ता त्रिदिप ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अंद्राबी केस में दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दलील दी कि शीर्ष अदालत का वह निर्देश, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज न होने की स्थिति में एक वर्ष बाद जमानत अर्जी दाखिल करने की बात कही गई थी, अब प्रभावी नहीं रह गया है।

    दूसरी ओर, शरजील इमाम का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता तालिब मुस्तफा ने कहा कि एक साल तक जमानत याचिका न दाखिल करने की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ विचार करने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी मामले में कई सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली के नामी 'मनहूस' बंगले को मिलेगी नई पहचान; आग, बाढ़ और आपदा में यहीं से होगी निगरानी

    ट्रायल कोर्ट इस पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती

    इन दलीलों का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक मौजूदा आदेश लागू रहेगा। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी प्रकार की राहत या स्पष्टीकरण के लिए आरोपियों को सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए, क्योंकि ट्रायल कोर्ट इस पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

    खबरें और भी

    उल्लेखनीय है कि अदालत ने 13 जून को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। इसके बाद आरोपियों ने नई जमानत याचिकाएं दाखिल करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी याचिकाएं खारिज किए जाने के छह माह बाद भी ट्रायल में खास प्रगति नहीं हुई है। यहां तक कि आरोप तय करने को लेकर बहस भी पूरी नहीं हो पाई है।

    यह भी पढ़ें- मेडिकल टूरिज्म हब बनेगी दिल्ली, अस्पताल चुनने से लेकर वीजा तक मिलेगा एक ही प्लेटफॉर्म पर

    छह महीने की अंतरिम जमानत दी

    गौरतलब है कि पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि उसी दिन अदालत ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत प्रदान की थी। इसके बाद 22 मई को खालिद सैफी और तसलीम अहमद को छह महीने की अंतरिम जमानत दी गई।

    दिल्ली दंगे में 53 लोगों की गई थी जान 

    इस मामले में सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल सहित कई आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। यूएपीए के तहत दर्ज इस प्रकरण में कुल 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। दिल्ली दंगों में 53 लोगों की जान गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली दंगा साजिश केस का आरोपी शरजील इमाम करना चाह रहा PhD, अदालत में दाखिल की खास अर्जी

    यह भी पढ़ें- दिल्ली में बारिश से मौसम सुहाना, IMD ने हरियाणा और पश्चिमी यूपी के लिए जारी किया आंधी-बारिश का अलर्ट