Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्या होता है नौतपा? दिल्ली-NCR के लिए अगले 9 दिन पड़ेंगे भारी, खाने-पीने में क्या रखें सावधानी; जानिए सबकुछ

    Updated: Mon, 25 May 2026 12:46 PM (IST)

    दिल्ली-NCR में 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है, जिसमें 2 जून तक भीषण गर्मी पड़ेगी और लू का येलो अलर्ट जारी है। जानिए नौतपा क्या होता है? ...और पढ़ें

    दिल्ली-एनसीआर में नौतपा की शुरुआत हो गई। जागरण

    दिल्ली-एनसीआर में नौतपा की शुरुआत हो गई। जागरण

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में आज यानी 25 मई से नौतपा (Nautapa) की शुरुआत हो चुकी है। अब समेत एनसीआर के शहरों में भीषण गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने ने 27 मई तक के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है।

    इस बार नौतपा सोमवार 25 मई यानी आज से शुरू हो रहा है, जो कि 2 जून तक चलेगा। ये 9 दिन साल के सबसे गर्म दिन होते हैं।

    नौतपा (Nautapa 2026) साल का वह समय होता है, जिसमें 9 दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती है। ‘नौतपा’ शब्द संस्कृत के ‘नव’ यानी नौ और ‘तप’ यानी गर्मी से बना है, जिसका सीधा अर्थ है नौ दिनों की तपिश। हर साल मई के आखिरी सप्ताह से जून की शुरुआत के बीच आता है। 25 मई से 2 जून तक दिन में ही नहीं रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

    क्या होता है नौतपा?

    ज्योतिष और भौगोलिक दृष्टि से नौतपा की गर्मी के बाद अच्छी वर्षा होने की संभावना रहती है। ज्योतिषियों के अनुसार 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे तापमान में अधिक वृद्धि होगी।

    9 दिन तक चलने वाले नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें धरती पर तीव्र रूप से पड़ती हैं, जिससे धूप और अधिक तीखी हो जाती है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उस दिन से लेकर अगले 9 दिन तक की अवधि को नौतपा कहा जाता है। यदि इस समय में ठंडी हवा नहीं चले और वर्षा भी नहीं हो तो आने वाले समय में अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।

    नौतपा क्यों होता है खास

    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, नौतपा कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि सूर्य और पृथ्वी की स्थिति से जुड़ी वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इस दौरान सूर्य की किरणें उत्तरी भारत पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है और निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनता है। यही प्रक्रिया मानसून को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    खबरें और भी

    उन्होंने बताया कि यदि नौतपा अधिक तपता है तो मानसून बेहतर माना जाता है, जबकि बीच-बीच में वर्षा होने से तापमान कम होने पर मानसूनी प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार इस समय हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बीते दिनों सक्रिय रहे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण कभी बादलवाही तो कभी तेज हवा और हल्की वर्षा की गतिविधियों से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

    नौतपा में किन लोगों को ज्यादा होता है रिस्क 

    मौरिंगो एशिया अस्पताल के मेडिसन डॉ. पंकज छाबड़ा का कहना है कि वैसे तो नौतपा हर किसी के लिए खतरनाक है। लेकिन कुछ लोगों को इसका रिस्क अधिक रहता है। जैसे कि जो लोग धूप में ज्यादा समय बिताते हैं। जो लोग किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

    इसके अलावा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट वुमन को भी इसका रिस्क ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि तेज धूप और बढ़ते तापमान में शरीर में पानी और नमक की कमी नहीं होने देनी चाहिए और घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।

    उन्होंने बताया कि गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने पर हार्ट, लंग्स, लिवर और ब्रेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में जो लोग पहले से इससे जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए ज्यादा गर्मी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति में कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, उबकाई, बेहोशी, घमौरियां, मरोड़ या ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

    नौतपा की शुरुआत के बीच मौसम विभाग ने 27 मई तक के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है।

    दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से न निकलें

    मेडिचेक इंसटीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस के डायरेक्टर डॉ. सुमित वर्मा ने बताया कि नौतपा में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं। अगर किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को कपड़े या छाते से ढककर निकलें। साथ ही हल्के, सूती व सफेद रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर से हवा पास होती रहे।

    उन्होंने बताया कि अगर तेज धूप में काम करते हुए बीमार पड़ जाए तो सबसे पहले छायादार स्थान पर जाएं। कुछ देर रेस्ट करने के बाद ओआरएस का घोल या नींबू पानी पिएं। गीले कपड़े से शरीर पोंछें या ठंडे पानी से नहाएं। अगर चक्कर, उल्टी या तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    इन चीजों को बनाएं डाइट का हिस्सा

    • शिकंजी
    • नारियल पानी
    • छाछ
    • सत्तू का शरबत
    • बेल का शरबत
    • कच्चे आम (कैरी) का पना
    • प्यास नहीं लग रही है तो भी नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए

    ये बातें जरूर रखें याद

    • दोपहर और रात के खाने में भारी खाने की जगह सादा और हल्का खाना खाएं।
    • मूंग दाल की खिचड़ी, दाल-चावल, दलिया या पतली रोटी और हरी सब्जी सबसे अच्छे आप्शन हैं।
    • हर दिन कम से कम 4 से 5 लीटर पानी पीएं, साथ ही अन्य लिक्विड चीजें लें।
    • तरबूज, खरबूजा, लीची, अंगूर, संतरा, मौसमी, खीरा आदि रस वाले फल जो आपके शरीर में पानी की कमी को दूर करें, उन्हें गर्मी में डाइट का हिस्सा बनाएं।
    • किसी तरह का अल्कोहल का सेवन करने से बचें, चाहे शराब हो या बीयर।
    • बाहर का जंक फूड, फास्ट फूड या किसी अन्य तरह की चीजों को खाने से पूरी तरह से बचें।

    28 मई के बाद बदलेगा मौसम

    डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 25 मई को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे आंशिक बादलवाही और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी, लेकिन इसका असर सीमित रहेगा। इसके बाद 28 मई से एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 28 से 30 मई के बीच महेंद्रगढ़ जिले में तेज हवा, आंधी और हल्की वर्षा देखने को मिल सकती है।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली-NCR में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड, रविवार को सीजन की सबसे गर्म रात; पढ़ें IMD का अपडेट

    इसके अलावा 2 जून के आसपास भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं। ऐसे में इस बार नौतपा के दौरान लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पहले चार दिनों तक गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाएगी, जबकि अंतिम पांच दिनों में तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।