जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट के लिए बंद करने पर विचार क्यों नहीं करती सरकार? दिल्ली HC ने पूछा सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर दलित ईसाइयों के विरोध-प्रदर्शन की अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली को बंधक न बनाया जाए और पुलिस को फैसल ...और पढ़ें
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HighLights
HC ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों की अनुमति पर की टिप्पणी।
अदालत ने कहा, दिल्ली को बेवजह बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए।
सरकार से पूछा, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के तौर पर बंद क्यों नहीं करते।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर दलित ईसाइयों के विरोध-प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली काे बंधक न बनाए और पुलिस को फैसला लेने दें।
साथ ही पीठ ने केंद्र व दिल्ली सरकार से पूछा कि जंतर-मंतर इलाके को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर बंद करने पर विचार क्यों नहीं कर रही है।
अदालत ने कहा कि शहर के बीचों-बीच होने वाले ऐसे विरोध-प्रदर्शनों की वजह से शहर को बेवजह बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए। पीठ ने सरकार से पूछा कि आखिर इसे बंध क्यों नहीं करते?
शहर में नहीं होनी चाहिए ऐसी चीजें
अदालत ने कहा कि शहर में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह फैसला सरकार को करना है। अदालत ने उक्त टिप्पणी आल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
कमेटी ने मांग की थी कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति मांगने वाले उनके आवेदन पर पुलिस को निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए।
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