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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें, मलबे में दब जाने पर कैसे निकल सकते हैं बाहर?

    Updated: Fri, 28 Mar 2025 06:00 PM (GMT+05:30)

    म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया जिससे कई इमारतें गिर गईं। बैंकॉक में एक बहुमंजिला इमारत धराशायी हो गई जिससे लोग दहशत म ...और पढ़ें

    भूकंप सेफ्टी टिप्स: जानें आपातकालीन स्थिति में क्या करें। (जागरण)
    भूकंप सेफ्टी टिप्स: जानें आपातकालीन स्थिति में क्या करें। (जागरण)

    HighLights

    1. म्यांमार में आपातकाल घोषित।
    2. भूकंप के दौरान अपना सिर और गर्दन बचाना चाहिए।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार की दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बैंकॉक की बहुमंजिला इमारत धाराशायी हो गई और लोग आनन-फानन में इधर-उधर भागने लगे। म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है, जिसका केंद्र देश के दूसरे सबसे बड़े शहर के पास था।

    जलजला इतना तेज था कि कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। हादसे में कई लोगों के मौत की खबर है। लेकिन भूकंप के झटकों की खबर सुनते ही हमारे दिमाग में सवाल कौंधता है कि आखिर ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या न करें? क्या आप जानते हैं कि भूंकप की आपात स्थिति में क्या करना चाहिए?

    भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें ?

    1. झुकें, कवर लें और पकड़कर रखें (Drop, Cover, and Hold On)

    गिरने से बचने के लिए अपने हाथों और घुटनों के बल झुक जाएं। अपने सिर और गर्दन को बचाकर रखें और किसी मजबूत फर्नीचर (जैसे टेबल या डेस्क) के नीचे शरण लें। अगर कोई शरण न हो, तो अपने सिर और गर्दन को हाथों से ढककर झुक जाएं।

    अगर आप फर्नीचर के नीचे हैं, तो उसे पकड़कर रखें ताकि वह हिल न जाए। यदि आप खुले में हैं, तो वहीं रहें और सिर और गर्दन को ढककर सुरक्षा करें।

    2. भाग-दौड़ न करें, जहां हैं वहीं रहें

    अगर आप किसी इमारत के अंदर हैं, तो वहीं रहें। भूकंप के दौरान बाहर भागने से बचें, क्योंकि गिरने वाला मलबा अधिक खतरनाक हो सकता है। खिड़कियों, कांच के दरवाजों या उन चीजों से दूर रहें जो टूटकर गिर सकती हैं।

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    3. दीवारों और दरवाजों से दूर रहें

    दरवाजों या उन दीवारों के पास खड़े न हों जो गिर सकती हैं या क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। खिड़कियों और दरवाजों से दूर किसी अंदरूनी कमरे में चले जाएं।

    4. अगर आप बाहर हों 

    इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और किसी भी गिरने वाली चीज से दूर खुले क्षेत्र में चले जाएं। जब तक झटके बंद न हो जाएं, तब तक खुले में रहें।

    5. यदि आप गाड़ी में हों

    सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर रुकें, लेकिन इमारतों, पुलों, ओवरपास या पेड़ों से दूर रहें। सीटबेल्ट लगाए रहें और जब तक झटके बंद न हों, वाहन के अंदर ही रहें। ओवरपास या बिजली के तारों के नीचे वाहन रोकने से बचें।

    6. जब भूंकप के झटके बंद हो जाएं तब क्या करें?

    भूंकप के झटके बंद होने के बाद भी खतरा पूरी तरह से टल नहीं जाता है। ऐसी स्थिति में आग, गैस रिसाव या अन्य खतरों को देखें। अगर गैस की गंध आए, तो तुरंत बाहर निकलें और मुमकिन हो तो गैस कनेक्शन बंद कर दें।

    7. आपातकालीन किट तैयार रखें

    आप हमेशा एक आपातकालीन किट रखें, जिसमें पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, टॉर्च, बैटरियां और जरूरी दस्तावेज हों।

    8. अगर समंदर के किनारे रहते हैं

    अगर आप समंदर के किनारे रहते हैं या आपका शहर समंदर की किनारे पर बसा है तो आपको भूकंप के बाद जल्द से जल्द किसी ऊंचे स्थान पर चले जाने चाहिए। ऐसी स्थिति में सुनामी का खतरा बना रहता है।

    अगर भूंकप के दौरान किसी आपात स्थिति में फंस जाएं, तब क्या करें?

    अगर आप भूकंप के दौरान किसी आपात स्थिति में फंस जाते हैं, मसलन मलबे में फंस गए हो या बहुमंजिला इमारत में हों तब आपको शांत दिमाग से काम लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में घबराने से आप कुछ गलत फैसले ले सकते हैं जो आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

    अगर आप मलबे में फंस गए हैं तो हिलने डुलने से बचना चाहिए। इस स्थिति में धुल भी न उड़ाएं। अगर आपके आसपास दीवार है या कोई पाइप है तो उसपर हाथ मारना चाहिए ताकि इसे सिग्नल समझ कर रेस्क्यू टीम जल्द से जल्द आप तक पहुंच सके।

    अगर आप दीवार या पाइप के नजदीक नहीं है तो आप व्हिसल भी बजा सकते हैं। इसके अलावा आपको रूमाल से अपना चेहरा ढंक लेना चाहिए ताकि आप धूल से बचे रहें।

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