यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024: I.N.D.I.A. के लिए जम्मू कश्मीर की राह आसान नहीं, NC-PDP और कांग्रेस में रार तय!
कश्मीर की तीन सीटों पर नेकां सांसद हैं और वह इन सीटों को बरकरार रखना चाहती है। इसके अलावा उसकी नजर जम्मू संभाग की सीटों पर भी है। वहीं कांग्रेस और पीड ...और पढ़ें

HighLights
- कांग्रेस, नेकां और पीडीपी के बीच सीटों का बंटवारा आसान नहीं
- तीनों पार्टियों के भीतर नेताओं में दावेदारी ठोकने की तैयारी शुरू
- ऊधमपुर-डोडा सीट पर भी नेकां और कांग्रेस के हैं अपने दावे
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: आइएनडीआइए ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के तालमेल के लिए भले ही कवायद शुरू कर दी है, लेकिन जम्मू कश्मीर में इसके घटकों में रार तय है।
प्रदेश में पांच लोकसभा सीटें हैं। इसमें कश्मीर की तीनों सीटों पर नेकां के सांसद हैं और वह इन सीटों को बरकरार रखना चाहती है। इसके अलावा उसकी नजर जम्मू संभाग की सीटों पर भी है। वहीं, कांग्रेस और पीडीपी भी प्रदेश की तीन सीटें अपने खाते में डालने का गणित लगा रही हैं।
सार्वजनिक तौर पर अभी नेता टिप्प्णी से बच रहे हैं पर तीनों पार्टियों के भीतर नेता अपनी दावेदारी की ताल ठोकने को तैयार हैं। लद्दाख की एकमात्र लोकसभा सीट पर भी आइएनडीआइए में खेल होना तय है।
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जम्मू कश्मीर में बारामुला, श्रीनगर-गांदरबल, अनंतनाग-पुंछ, ऊधमपुर-डोडा और जम्मू लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। नेशनल कान्फ्रेंस जम्मू को छोड़ शेष चारों सीटों पर अपना दावा जताने के मूड में है। वह किसी भी सूरत में बारामुला, श्रीनगर और अनंतनाग-पुंछ सीट नहीं छोड़ना चाहती। हालांकि, डोडा-कठुआ सीट वह कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है।
वहीं, पीडीपी का प्रयास है कि उसे अनंतनाग-पुंछ सीट के अलावा बारामुला या फिर श्रीनगर दोनों से कोई एक सीट जरूर मिले। वह कम से कम दो सीटें चाहती है। अनंतनाग महबूबा का अपना घर है और इस आधार पर पीडीपी अपना दावा करती है। दक्षिण कश्मीर वैसे भी उसका गढ़ रहा है।
नए परिसीमन के बाद इस सीट में जम्मू संभाग के राजौरी-पुंछ इसमें जुड़ गए हैं। इसे आधार बता नेकां अपना दावा मजबूत बताती है। श्रीनगर सीट अब्दुल्ला परिवार की परंपरागत सीट रही है और उसे छोड़ने पर कदापि सहमत नहीं होंगे।
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कांग्रेस की चुनौती यह है कि उसे इन दलों को साथ लेकर भी चलना है और अपना प्रतिनिधित्व भी रखना है। वह उम्मीद लगाए है कि जम्मू और ऊधमपुर सीटें नेकां और पीडीपी छोड़ने को तैयार हो जाएंगी पर कश्मीर की एक सीट उसे भी चाहिए।
बदले में पीडीपी लद्दाख देने के लिए तैयार
पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीटों को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन हमारा कम से कम तीन सीटों पर दावा रहेगा। बारामुला, श्रीनगर और अनंतनाग सीट पर हमारा दावा मजबूत है।
अनंतनाग सीट के कई हिस्से काटकर श्रीनगर सीट के साथ जोड़े गए हैं और अनंतनाग के साथ राजौरी-पुंछ को जोड़ा गया है पर हम काफी मजबूत स्थिति में हैं। कांग्रेस व नेकां अगर हमें तीन सीटें देती हैं तो हम जम्मू की अन्य दो सीटों के अलावा लद्दाख पर दावा छोड़ देंगे। अगर हमसे कुछ और मांगा जाता है तो हम श्रीनगर की सीट कांग्रेस या नेकां के लिए छोड़ सकते हैं।
नेकां चाहती है पीडीपी-कांग्रेस दें साथ
नेकां से जुड़े रहे सज्जाद सोफी ने कहा कि अगर पीडीपी-कांग्रेस साथ दें तो नेकां डोडा-कठुआ और जम्मू लोकसभा सीट भी भाजपा से छीन सकती है।
नेकां का कैडर हर शहर और हर गली में है। कश्मीर में भी नेकां का जनाधार मजबूत हुआ है। दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो नेकां अपने बूते पर आसानी से वादी में संसदीय चुनाव जीत सकती है।
चुनाव से पहले मचेगी रार
जम्मू कश्मीर मामलों के जानकार बिलाल बशीर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले आइएनडीआइए के जम्मू कश्मीर के घटकों में बहुत रार मचेगी। हम आज मान लेते हैं कि नेकां अनंतनाग-पुंछ सीट छोड़ सकती है, लेकिन पीडीपी और कांग्रेस दोनों में से कोई इसे छोड़ने के लिए राजी होगा?
अगर कांग्रेस को यह सीट मिलती है तो पीडीपी का प्रतिनिधित्व कहां होगा। नेकां अनंतनाग-पुंछ के बदले डोडा-कठुआ या फिर जम्मू सीट चाहेगी। कांग्रेस यह दोनों सीटें उसे नहीं दे सकती। इसके अलावा वह बारामुला सीट के लिए भी प्रयास करेगी। लद्दाख की एकमात्र सीट पर नेकां और कांग्रेस दोनों ही बराबर की दावेदार हैं।