Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Srinagar News: 'आतंकियों का न दें शरण, उन्हें सुरक्षाबलों के लिए छोड़ दे'; LG सिन्‍हा ने लोगों से किया अनुरोध

    By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
    Updated: Thu, 07 Sep 2023 06:17 PM (IST)

    Jammu Kashmir News जम्‍मू कश्‍मीर में उपराज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा ने लोगों से अनुरोध किया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते ...और पढ़ें

    'आतंकियों का न दें शरण, उन्हें सुरक्षाबलों के लिए छोड़ दे'; LG सिन्‍हा ने लोगों से किया अनुरोध
    'आतंकियों का न दें शरण, उन्हें सुरक्षाबलों के लिए छोड़ दे'; LG सिन्‍हा ने लोगों से किया अनुरोध

    HighLights

    1. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जनसमुदाय को संबोधित किया।
    2. सिन्‍हा ने कहा आतंक के कारोबारियों पर हो रही सख्‍त कार्रवाई।
    3. आतंक का नाम जम्मू कश्मीर की जमीन से हमेशा के लिए मिटा देंगे।

    श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को जनता से आतंकियों का सहयोग न करने का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी आतंकियों या उनके समर्थकों को शरण न दे, उनकी मदद न करे। सुरक्षाबल उन्हें देख लेंगे।

    वह आज यहां सोपोर में नगर पालिका कार्यालय परिसर को जनता को समर्पित करने और विभिन्न विकास योजनाओं का नींव पत्थर रखने के बाद अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने कहा कि हम आतंक और आतंक के पारिस्थितिक तंत्र को पूरी तरह नष्ट करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

    आतंकियों के खिलाफ हो रही सख्‍त कार्रवाई

    हम आतंक के कारोबारियों और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं जिन्होंने यहां बरसों तक आम जनता की भावनाओं का शोषण कर, उसे विकास-रोजगार से वंचित कर, यहां के हालात का लाभ उठाकर अपनी तिजौरियां भरी हैं।

    किसी को भी आतंकियों का सहयोग नहीं करना चाहिए- उपराज्‍यपाल

    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि किसी को भी आतंकियों का सहयोग नहीं करना चाहिए। आतंकियों को शरण न दें और बाकी काम पुलिस व सुरक्षाबलों पर छोड़ दीजिए। हमारी पुलिस और सुरक्षाबल प्रशासन के सहयोग से आतंक और इसके पारिस्थितिक तंत्र को जम्मू कश्मीर की जमीन से हमेशा के लिए मिटा देंगे।

    खबरें और भी

    हम चैन से नहीं बैठेंगे- मनोज सिन्‍हा

    जब तक आतंक और इसके पारिस्थितिक तंत्र की रीड़ की हड्डी नहीं तोड़ लेते, हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि यहां आतंकी हिंसा को बढ़ावा देकर जिन लोगों ने अपनी तिजौरियां भरी, जिन्होंने यहां गरीब लोगों के बच्चों को बंदूक थमाई, हम उन सभी आतंक के कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहे हैं।

    सिन्‍हा ने उपस्थित जनसमुदाय की तरफ देखते हुए कहा कि सोपोर तो कश्मीर का एक उन्नत, विकसित और आर्थिक रूप से विकसित शहर था, यह कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र था, फिर किसने सोपोर को कंधार का खिताब दिया? किसने यहां बंदूक और पत्थरबाजी को बढ़ावा दिया। जिन्होंने भी यह किया, उन्होंने सोपोर के लोगों और सोपोन की आने वाली पीढ़ियों के साथ बहुत अन्याय किया है।

    विकास का दिलाया यकीन

    सोपोर के समग्र और समावेशी विकास का यकीन दिलाते हुए उपराज्यापाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन-सहयोग से जम्मू कश्मीर प्रशासन सोपोर का खोया गौरव पुन: बहाल करेगा। हम सुनिश्चित बनाएंगे जिस तरह आतंकी हिंसा का दौर शुरू होने से पहले सोपोर एक विकसित और समृद्ध था, उसी तरह से यह फिर से कश्मीर का प्रमुख व्यापारिक केंद्र और एक समृद्ध नगर बने।

    सोपोर को उठाना पड़ा नुकसान

    एशिया की सबसे बड़ी फल मंडी होने के बावजूद दशकों तक सोपोर को नुकसान उठाना पड़ा है, हम प्रयास करेंगे कि सोपोर न सिर्फ इस प्रदेश का बल्कि पूरे देश में एक आदर्श कस्बे के रूप में उभरे। उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि कश्मीर के मशहूर शायद महजूर ने एक बार कहा था कि अगर मुस्लिम दूध है तो हिंदू उसमें घुली मिठास है।

    विदेशी संगमरमर बिछाने का कोई लाभ नहीं

    सोपोर कभी सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक था और हम यहां शांति, सांप्रदायिक सौहार्द को सुनिश्चित बनाएंगे। सोपोर नगर समिति के कामकाज को सराहते हुए उन्होंने कहा कि नगर समिति शहर को साफ सुथरा रखने के लिए काम कर रही है,लेकिन जब तक आम आदमी अपने शहर और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता तब तक सड़कों पर विदेशी संगमरमर बिछाने का कोई लाभ नहीं है।

    धर्म के रूप में विकास को सुनिश्चित बना रहे

    हम यहां किसी राजनीति या लाभ के लिए नहीं बल्कि अपने धर्म के रूप में विकास को सुनिश्चित बना रहे हैं। वह दिन बीत गए जब यहां विकास और सरकारी योजनाएं कुछेक लोगों तक सीमित थी, यहां वीआइपी कल्चर था। हमारे लिए जम्मू कश्मीर के हर वर्ग और हर क्षेत्र का एक नागरिक एक वीआइपी है, किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं है। सभी का समग्र विकास और कल्याण ही हमारा लक्ष्य है।