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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Result: बिहार के 48 प्रतिशत नव-निर्वाचित सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज, एक पर तो 42 केस, इस दल से हैं सबसे अधिक दागी

    Updated: Sat, 08 Jun 2024 10:07 AM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Election Result 2024 लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद एक आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला सामने आया है। बिहार में बाहुबली का जोर फिर से देखने को मि ...और पढ़ें

    Bihar Lok Sabha Chunav Result 2024: राजनीति में बाहुबली का जोर।
    Bihar Lok Sabha Chunav Result 2024: राजनीति में बाहुबली का जोर।

    HighLights

    1. बिहार से नव-निर्वाचित 53 प्रतिशत सांसदों के विरुद्ध आपराधिक मामले, 48 प्रतिशत सांसद जघन्य मामलों में आरोपित।
    2. 27 सांसदों पर आपराधिक दोष सिद्ध हो चुका है।
    3. सुरेंद्र प्रसाद यादव, राजाराम सिंह और मनोज कुमार के खिलाफ गंभीर मामले।

    जागरण ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति में बाहुबल का जोर कम तो हुआ है, लेकिन खत्म नहीं। इस बार चुने गए सांसदों पर दर्ज आपराधिक मामले इसकी पुष्टि कर रहे। ऐसे सांसदों की संख्या 53 प्रतिशत है। हालांकि, राजनीतिज्ञों के बीच ऐसे दाग अब सामान्य हो गए हैं, लेकिन जब वे गहरे हों तो बदनुमा लगते हैं।

    बिहार से अधिक इसे कौन समझेगा, जिसके नव-निर्वाचित 48 प्रतिशत सांसदों के विरुद्ध गंभीर श्रेणी के आपराधिक मामले दर्ज हैं। देश में 170 सांसदों के विरुद्ध गंभीर श्रेणी के आपराधिक मामले हैं। कुल सांसदों में यह संख्या 31 प्रतिशत होती है।

    बिहार के लिए यह दाग अधिक गहरा है। राष्ट्रीय औसत से यहां 17 प्रतिशत अधिक सांसद जघन्य केस में आरोपित हैं। राजद के चार सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। भाजपा में ऐसे 26 प्रतिशत सांसद हैं, जदयू में 17 प्रतिशत।

    हर चुनाव में बढ़े दागी जन-प्रतिनिधि

    सर्वाधिक क्षोभजनक हर चुनाव में दागी जन-प्रतिनिधियों की संख्या अपेक्षाकृत बढ़ते जाना है। 2009 की तुलना में 2014 में गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित सांसदों की संख्या में दोगुनी से अधिक की वृद्धि हुई है। 2009 में ऐसे 14 प्रतिशत सांसद थे, जो बढ़कर 2014 में 21 प्रतिशत हो गए।

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    2019 में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 29 प्रतिशत हो गई और इस बार 31 प्रतिशत। बंगाल को छोड़ इस पैमाने पर दूसरे राज्यों की छवि बिहार से बेहतर नहीं। बंगाल के नए 38 प्रतिशत सांसद जघन्य मामलों में आरोपित हैं। उत्तर प्रदेश और झारखंड में यह संख्या क्रमश: 43 और 50 प्रतिशत है।

    दागदार सांसद

    राज्य नव-निर्वाचित सांसदों की संख्या आपराधिक मामलों में आरोपित प्रतिशत जघन्य मामलों में आरोपित प्रतिशत
    बिहार 40 21 (53%) 18 (48%)
    झारखंड 14 10 (71%) 07 (50%)
    बंगाल 42 22 (52%) 16 (38%)
    उत्तर प्रदेश 80 40 (50%) 34 (43%)
    देश 543 251 (46%) 170 (31%)

    दलगत दाग

    पार्टी आपराधिक मामलों वाले सांसद जघन्य अपराध वाले सांसद
    राजद 100% 100%
    माले 50% 50%
    कांग्रेस 49% 49%
    लोजपा 40% 40%
    भाजपा 39% 26%
    जदयू 17% 17%

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