बंगाल में मतगणना के बाद संभावित हिंसा रोकने के लिए EC ने की तैयारी, CAPF के 70 हजार जवान रहेंगे तैनात
चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में मतगणना के बाद संभावित हिंसा को रोकने के लिए 70,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करेगा।

HighLights
70,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल पश्चिम बंगाल में तैनात किए जाएंगे।
मतगणना के बाद संभावित हिंसा को रोकने की तैयारी।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी हेतु कंट्रोल रूम स्थापित होंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले ही चुनाव आयोग नतीजों के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है। आयोग ने राज्य में लगभग 70,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात रखने का फैसला किया है।
यह कदम विशेष रूप से उन इलाकों में निरंतर निगरानी रखने के लिए उठाया गया है जहां चुनाव के बाद हिंसा का इतिहास रहा है। 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय हत्या, यौन उत्पीड़न और आगजनी जैसी 1934 घटनाएं दर्ज की गई थीं। चुनाव आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) और बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
ये कंट्रोल रूम 4 मई यानी मतगणना के दिन की स्थिति की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा बल की तैनाती उन संवेदनशील क्षेत्रों में रहेगी जहां 2021 में भारी हिंसा देखी गई थी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग की गई है ताकि बंगाल में कानून व्यवस्था की निगरानी की जा सके।
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