यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
30 Years of Khal Nayak: 'खलनायक' बनना चाहते थे अनिल कपूर, 'चोली के पीछे' पर मचा था बवाल, जानिए दिलचस्प किस्से
30 Years of Khal Nayak संजय दत्त और माधुरी दीक्षित स्टारर फिल्म खलनायक को आज पूरे 30 साल हो गये। साल 1993 में रिलीज हुई ये फिल्म उस वक्त की ब्लॉकबस्टर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएनए। 30 Years of Khal Nayak: साल 1993 में रिलीज हुई सुभाष घई की फिल्म 'खलनायक' (Khal Nayak) हिंदी सिनेमा की क्लासिक कल्ट मानी जाती है। चाहे कैरेक्टर हो, सदाबहार डायलॉग या फिर गाने हों, फिल्म ने दर्शकों के दिल पर ऐसी छाप छोड़ी, जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता है। हीरो के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले संजय दत्त (Sanjay Dutt) को 'खलनायक' ने सिनेमा का खूंखार विलेन बना दिया था।
आज यानी 6 अगस्त 2023 को 'खलनायक' को पूरे 30 साल हो गये। इस खास मौके पर सुभाष घई ने बताया कि वह पहले इस फिल्म को नाना पाटेकर के साथ एक आर्ट सिनेमा बनाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके राइटर ने उन्हें कमर्शियल मूवी बनाने की सलाह दी। ईटाइम्स के साथ बातचीत में सुभाष ने इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के बारे में कई दिलचस्प किस्से बताये हैं।
खलनायक बनने के लिए बेताब थे अनिल कपूर
जब सुभाष घई फिल्म 'खलनायक' बना रहे थे, तब अनिल कपूर इस रोल को निभाने के लिए बेताब थे। राम के किरदार के लिए तो सुभाष ने जैकी श्रॉफ को पक्का कर लिया था, लेकिन खलनायक की भूमिका के लिए कई लोग उनके पीछे पड़े थे, जिनमें से एक अनिल कपूर भी थे। सुभाष ने खुलासा किया कि अनिल कपूर दो-तीन बार उनके घर गये थे और खलनायक बनने के लिए अपनी बेताबी जाहिर की थी।

तब सुभाष ने उनसे कहा था, "ये तुझे सूट नहीं करेगा। तू जाएगा, मैं जाऊंगा और फिल्म भी जाएगी।"
क्या खलनायक बनने के पीछे पड़े थे आमिर खान?
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि आमिर खान भी अनिल कपूर की तरह सुभाष घई को उन्हें 'खलनायक' की भूमिका देने के लिए गुजारिश कर रहे थे। हालांकि, ऐसा नहीं है। सुभाष घई ने बताया कि आमिर 'खलनायक' नहीं बल्कि सौदागर मूवी करना चाहते थे, लेकिन उस वक्त प्रोड्यूसर एक नए चेहरे की तलाश में थे।
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'चोली के पीछे' गाने के रिलीज से पहले टेंशन में थे मेकर्स
'खलनायक' के यूं तो सभी गाने बेहद पॉपुलर हैं, लेकिन 'चोली के पीछे क्या है' गाने को लेकर एक अलग ही क्रेज था। आज भी इस गाने को बहुत पसंद किया जाता है। हालांकि, ये गाना उस वक्त काफी विवादों में रहा था। इसके रिलीज से पहले मेकर्स भी काफी परेशान थे। सुभाष घई ने बताया कि उन्होंने काफी हिम्मत करके इस गाने को रिलीज करने का फैसला किया था।

संजय की गिरफ्तारी से सुभाष घई की उड़ गई थी नींदे
फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय दत्त को मुंबई ब्लास्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। सुभाष घई ने कहा- "ये जानकर मैं शॉक रह गया था और मैं परेशान भी था, क्योंकि मैं उनके पिता सुनील दत्त के बेहद करीब था। मैंने संजय से कहा कि तू जो भी है सच बोल देना, सच के सिवा कुछ मत बोलना।"

उस वक्त सुभाष घई, संजय को अपनी फिल्म में लेने के लिए काफी ट्रोल भी हुए थे। इसकी वजह से उन्होंने फिल्म कe प्रमोशन भी रुकवा दिया था, लेकिन रिलीज के बाद फिल्म का पासा ही पलट गया।
सक्सेस ने सुभाष घई को दी दुश्मनी
सुभाष घई ने आगे बताया कि सक्सेस के साथ उन्हें कई दुश्मन भी मिले। जब उनकी फिल्म 'खलनायक' रिलीज हो रही थी, तभी जया प्रदा और जीतेंद्र स्टार खल-नायिका को भी रिलीज किया जा रहा था। संजय दत्त की गिरफ्तारी की वजह से वैसे ही सुभाष की फिल्म विवादों में थी, ऐसे में एक और मूवी के साथ टकराव उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती थी।
सुभाष घई ने 'खलनायिका' की रिलीज पर सवाल उठाये, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। ऐसे में उन्हें थक-हारकर उसी दिन मूवी को रिलीज करना पड़ा और आखिरकार 'खलनायिका' को पीछे छोड़ 'खलनायक' ने तहलका मचा दिया।