Lata Mangeshkar से छिन गया था 53 साल पुराना Cult Song, 'भजन क्वीन' की आवाज ने बॉलीवुड में बढ़ा दी थी हलचल
53 साल पहले आया एक गीत पहले लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आवाज में रिकॉर्ड होना था, लेकिन ऐन मौके ...और पढ़ें

लता मंगेशकर नहीं दे पाई थीं गाने को आवाज। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 40s, 50s, 60s, 70s, 80s, 90s का दौर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का था। 40 के दशक में उन्होंने गाना शुरू किया और फिर धीरे-धीरे हर म्यूजिक डायरेक्टर की पहली पसंद बनती गईं। फिर उनकी बहन आशा भोसले (Asha Bhosle) आईं और उन्होंने अलग अंदाज में अपनी आवाज को कोने-कोने तक पहुंचाया।
लता मंगेशकर को स्वर कोकिला कहा जाता है। फिल्मों में उनकी मधुर आवाज सुनने के लिए दर्शक बेताब रहते थे। म्यूजिक इंडस्ट्री में उनकी इतनी डिमांड थी कि कभी-कभी एक फिल्म के सारे गाने में सिर्फ और सिर्फ लता दीदी की आवाज गूंजती थी। 53 साल पहले भी ऐसा ही हुआ।
लता मंगेशकर गाने वाली थीं गाना
अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की म्यूजिकल फिल्म अभिमान (Abhimaan) आई और फिल्म में कुल 9 गाने थे जिनमें से 8 गानों में लता दीदी की आवाज गूंजी थी। एसडी बर्मन ने सभी गानों को कंपोज किया था। लता दीदी की आवाज में अभिमान के सारे गाने सुपर-डुपर हिट हुए थे। मगर इसी फिल्म का एक और गाना था जो लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड होना था, लेकिन यह एक डेब्यूडेंट गायिका ने गाकर पंचम दा का दिल जीत लिया।
शिव स्तुति गाकर छाई थीं अनुराधा
यह गायिका अनुराधा पौडवाल हैं जिन्होंने अभिमान का एक गाना गाकर इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी। 'भजन क्वीन' कही जाने वालीं अनुराधा ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत भी शिव स्तुति (Shiv Stuti) से ही की थी। वह भी संयोग से। दरअसल, अनुराधा के पति एस.डी. बर्मन के सहायक थे। लता मंगेशकर को अभिमान का शिव स्तुति गाना था।
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'डमी' के रूप में दी थी आवाज
गणेश अनंतरमन किताब बॉलीवुड मेलोडीज के मुताबिक, एसडी बर्मन के सहायक अरुण पौडवाल ने 'डमी' के तौर पर अनुराधा की आवाज रिकॉर्ड की थी। जब बर्मन दा ने उनकी आवाज सुनी तो उन्हें पसंद आ गई और उन्होंने उसी आवाज को रहने दिया। पहले हिट गाने से अनुराधा छा गईं।
उनकी आवाज को खूब पसंद किया गया, लेकिन उन्हें लता और आशा भोसले का कॉम्पटीटर मान लिया गया। मंगेशकर सिस्टर्स के दबदबे के चलते अनुराधा का करियर प्लेबैक सिंगिंग में खास नहीं चला। हालांकि, भक्ति गीत में वह छा गईं। उन्हें भजन क्वीन कहा जाने लगा।
