1600 गानों में सीटियां बजाने वाले कलाकार को जानते हैं आप? 'मोहब्बतें' से लेकर 'फना' तक की मेलोडी को Whistle King ने बनाया आईकॉनिक
क्या आप बॉलीवुड के 'व्हिसल किंग' को जानते हैं, जिन्होंने तकरीबन 1600 गानों में अपनी सीटी का बैकग्राउंड म्यूजिक दिया और उनमें से कई हमेशा के लिए आईकॉनि ...और पढ़ें

कौन हैं बॉलीवुड के सीटी किंग?
HighLights
कौन हैं बॉलीवुड के सीटी किंग?
1600 गानों में बजा चुके व्हिसल
आज भी आईकॉनिक उनके ये गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। ये तो हम सभी जानते हैं बॉलीवुड गाने बैकग्राउंड स्कोर के बिना अधूरे हैं फिर चाहे वो जादुई ऑर्केस्ट्रा की धुनें हो या पियानो की कोमल धुनें या फिर सीटी की आवाज। ये गाने के इमोशन्स को और बढ़ाते हैं और किसी भी गाने के सीन में रोमांस का तड़का लगाते हैं।
अगर आप सिनेमा के सच्चे शौकीन हैं, तो आपने जरूर बॉलीवुड गानों के साथ बजने वाली सुकून देने वाली सीटी की आवाज सुनी होगी। क्या आपने कभी सोचा है कि धूम से लेकर फना के सॉन्ग चांद सिफारिश में बजने वाली सीटी के पीछे कौन सा कलाकार है? वो कोई और नहीं, बल्कि नागेश सुर्वे (Nagesh Surve) हैं, जिन्होंने बॉलीवुड में 1600 से ज्यादा बार सीटी बजाई है।
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ये गाने बने आईकॉनिक
1600 गानों में सीटी की आवाज देने वाले नागेश सुर्वे के कुछ सॉन्ग ऐसे हैं जो सदाबहार बन गए और इन गानों को आपने जरूर सुना होगा। दिल तो पागल है से लेकर कुछ कुछ होता है जैसी आईकॉनिक फिल्मों के गानों में सीटी वादक ने अपनी कला को निखारा। वहीं मोहब्बतें का चलते-चलते, धूम 2 का टाइटल सॉन्ग, फना के चांद सिफारिश, सत्या के सपने में मिलती है जैसे गानों में बजाई गई उनकी व्हिसल आईकॉनिक बन गई।

मजाक-मजाक में बने प्रोफेशनल व्हिसलर
नागेश सर्वे ने 1975 में एक प्रोफेशनल सीटी बजाने वाले (व्हिसलर) के तौर पर अपना सफर शुरू किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी शुरुआत महज एक मजाक से हुई थी। बचपन में, नागेश मुंबई में अपने पड़ोस के बच्चों द्वारा बजाई जाने वाली अलग-अलग तरह की सीटियों की नकल करते थे। एक दिन, उन्होंने लड़कों के एक खास ग्रुप के हर सदस्य की सीटी की आवाज की नकल करने में महारत हासिल कर ली, जिससे सब हैरान रह गए। उनसे उम्र में बड़े उन लड़कों ने नागेश के हुनर से प्रभावित होकर उनसे धुन में सीटी बजाने के लिए कहा। उन्होंने इसे बखूबी तरीके से करके दिखाया।
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इसके बाद, एक पिकनिक के दौरान कुछ म्यूजिशियन्स ने नागेश सुर्वे को मजाक-मजाक में सीटी बजाते हुए सुना। उनमें से एक ने उनसे पूछा, 'क्या आप किसी गाने के लिए सीटी बजा सकते हैं?' और उस दिन के बाद, उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्हें बॉलीवुड में पहला ब्रेक 1975 की फिल्म 'जूली' के गाने 'दिल क्या करे' से मिला।
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आजकल, नागेश सर्वे और उनकी बेटी रूपाली मिलकर पुराने तरीके से सीटी बजाने का काम करते हैं, जिससे यह साबित होता है कि बॉलीवुड में सीटी बजाने की कला अभी खत्म नहीं हुई है।
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