Amitabh Bachchan के कल्ट गाने को लिखने से गीतकार ने किया था इनकार, 27 सालों से लोगों की जुबां पर बना हुआ गीत
27 साल पहले अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की फिल्म का सुपरहिट गाना लिखने से गीतकार ने मना कर दिया था। बाद में यह गाना बना और कल्ट का दर्जा मिला। ...और पढ़ें

अमिताभ बच्चन का कल्ट गाना। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 90 के दशक अमिताभ बच्चन की एक फिल्म बन रही थी। फिल्म के गाने की जिम्मेदारी दिलीप सेन (Dilip Sen) के कंधे पर थी जो 'ओले ओले' और 'नाम क्या है' जैसे गाने बना चुके थे। जब वह फिल्म से जुड़ा सिचुएशन लेकर गीतकार आनंद बक्शी के पास गए और उन्हें गाना लिखने के लिए कहा तो वह भड़क उठे।
गीतकार ने साफ-साफ इनकार कर दिया कि वह इस तरह का गाना नहीं लिख सकते। मगर गीत, फिल्म का बड़ा हिस्सा था। फिर म्यूजिक डायरेक्टर गाना लिखवाने के लिए किसी और गीतकार के पास गए। हालांकि, शुरू में वह भी हिचकिचाने लगे। जैसे-तैसे करके गाना बना और वह सुपरहिट हो गया।
आनंद बक्शी ने गीत लिखने से किया था इनकार
जिस गीत की हम बात कर रहे हैं, वो 1999 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कोहराम' का 'बाबा नानक दुखियां' है। यह एक गुरबानी थी। यह गीत की शूटिंग गुरुद्वारे में हुई थी। इस गीत को म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन ने बनाया था। डायरेक्टर मेहुल कुमार के कहने पर दिलीप सेन गुरबानी बनाने के लिए तैयार तो हो गए, लेकिन आनंद बक्शी ने इसे गीत को लिखने से इनकार कर दिया था।
बवाल मचने का था डर
लाफिंग कलर्स के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए खुद दिलीप सेन ने गुरबानी 'बाबा नानक दुखियां' बनाने के पीछे का किस्सा शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि गीतकार आनंद बक्शी ने गाना लिखने से इनकार कर दिया था। उन्हें डर था कि गुरबानी बनाने से कहीं बवाल न मच जाए। उन्होंने दिलीप सेन से भी इस गाने को न बनाने की सलाह दी थी, लेकिन डायरेक्टर मेहुल कुमार इसे बनाने पर अड़े हुए थे।
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देव कोहली ने भी कर दिया था इनकार
बाद में दिलीप सेन गीत लिखवाने के लिए देव कोहली (Dev Kohli) के पास गए। उन्होंने भी शुरू में गाना लिखने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वह आनंद बक्शी की बहुत इज्जत करते थे। उनका कहना था कि आनंद जी ने पूरी फिल्म के गाने लिख दिए हैं और अब एक गाना वह लिखे, अच्छा नहीं लगता है। वह उनकी बहुत इज्जत करते हैं। फिर उन्होंने कहा कि अगर आनंद जी उन्हें गाना लिखने के लिए बोल दें तो वह लिख देंगे।
बाद में आनंद बक्शी ने देव कोहली को गाना लिखने के लिए स्वीकृति भेजी। गाना बना और इसे आवाज किशनपाल सिंह ने दिया। आज यह गुरबानी कल्ट क्लासिक सॉन्ग्स में से एक है। 27 साल बाद भी यह गाना दिल में सुकून भर देता है।