मजबूत हो रहा है क्रिकेट और बॉलीवुड का रिश्ता, Sourav Ganguly के बाद बनेगी दिव्यांग क्रिकेटर की बायोपिक
बॉलीवुड और क्रिकेट का नाता काफी पुराना है। अब तक कई भारतीय होनहार क्रिकेटर्स की कहानी पर्दे पर आ चुकी है। अब जल्द ही एक दिव्यांग क्रिकेटर के संघर्ष को ...और पढ़ें

दिव्यांग क्रिकेटर की बनेगी बायोपिक/ फोटो- Instagram

समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई ब्यूरो। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में साल 2002 की नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद सौरव गांगुली द्वारा लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी जर्सी लहराने वाला दृश्य आज भी लोगों के जहन में ताजा है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के इसी जुनून और संघर्ष को अभिनेता राजकुमार राव फिल्म दादा : द सौरव गांगुली स्टोरी में जीवंत करने की तैयारी में हैं।
वहीं चार जून को रिलीज हो रही फिल्म 'पेड्डी' में अभिनेता रामचरण (Ram Charan)भी क्रिकेट की पिच पर नजर आएंगे। लगान के बाद आमिर खान क्रिकेट पर आधारित नई कहानी लेकर आ रहे हैं, जो साल 1962 में हुए पहली भारत-पाकिस्तान क्रिकेट टेस्ट सीरीज पर आधारित है। भारत में क्रिकेट को दूसरे धर्म की तरह देखा जाता है। यही वजह है कि हिंदी सिनेमा में क्रिकेट आधारित वास्तविक और काल्पनिक दोनों तरह की घटनाओं पर फिल्में बनी हैं। हालांकि क्रिकेट सिर्फ बल्ला घुमाने का खेल नहीं, बल्कि शरीर की लय, तकनीक और मानसिक तैयारी का भी हिस्सा है।
तैयारी करने में आती हैं कठिनाइयां
दादा की बायोपिक को लेकर अपनी तैयारी के बारे में राजकुमार राव ने बताया, "सबसे बड़ी शारीरिक और तकनीकी चुनौतियों में से एक है बाएं हाथ से बल्लेबाजी सीखना। मैं दाएं हाथ से काम करता हूं, जबकि सौरव बाएं हाथ के बल्लेबाज रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी शैली को हूबहू अपनाने के लिए घंटों क्रिकेट की कड़ी ट्रेनिंग की है। ताकि, आवश्यक मसल मेमोरी विकसित हो सके। इसके अलावा राजकुमार ने सौरव के बंगाली लहजे को अपनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
इससे पहले फिल्म जर्सी में क्रिकेटर की भूमिका निभा चुके शाहिद कपूर भी तैयारियों की कठिनाई के बारे में बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि शौकिया खिलाड़ियों के लिए पेशेवर खिलाड़ियों जैसी फिटनेस हासिल करना आसान नहीं होता।
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संघर्ष की कहानी लोगों तक पहुंचाना है जरूरी
क्रिकेट फिल्मों की बढ़ती संख्या के पीछे एक बड़ी वजह खेल से निकलकर सामने आ रही प्रेरक कहानियां भी हैं। आईपीएल और महिला प्रीमियर लीग जैसे मंचों ने कई नए खिलाड़ियों को पहचान दी है। वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल और उर्विल पटेल समेत कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती। यही वजह है कि फिल्मकार क्रिकेट को इंसानी संघर्ष और सपनों की कहानी के रूप में भी देख रहे हैं।
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इसका उदाहरण फिल्म कौन प्रवीण तांबे? हैं, जिसमें अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने उस क्रिकेटर की कहानी निभाई, जिसने 41 वर्ष की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया। श्रेयस का कहना है, ‘जब मैंने प्रवीण तांबे को पहली बार आईपीएल में खेलते हुए देखा तो लगा कि यह तो उम्र में थोड़े बड़े लग रहे हैं। फिर पता चला उन्होंने 41 वर्ष की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया है। तब बतौर अभिनेता और फिल्मकार दिमाग में आया कि यह तो बहुत अच्छी कहानी हो सकती है। डेब्यू करने से पहले वह कहां थे, उनके क्या संघर्ष रहे? उनकी 20-22 साल के संघर्ष की कहानी लोगों के बीच पहुंचाना जरूरी है।’
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बॉक्स ऑफिस पर रहे हैं मिले-जुले आंकड़े
क्रिकेट आधारित फिल्मों के लेकर बॉक्स ऑफिस के आंकड़े मिले जुले रहे हैं। लगान ने अच्छी कमाई के साथ ऑस्कर के नॉमिनेशन तक का सफर तय किया। साल 2016 में आई एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। वहीं रणवीर सिंह अभिनीत 83 अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। शाहिद कपूर अभिनीत जर्सी और तापसी पन्नू अभिनीत शाबाश मिट्ठू (पूर्व भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज की बायोपिक) को दर्शकों ने नकार दिया था। महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बायोपिक भी रिलीज की कतार में है।
आमिर हुसैन की बनेगी बायोपिक
हाल ही में कान फिल्म फेस्टिवल में जम्मू कश्मीर के दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन की बायोपिक फिल्म की घोषणा की गई। आमिर के दोनों हाथ नहीं है। इस फिल्म के निर्देशक निशिल सेठ का कहना है, ‘बेशक क्रिकेट, आमिर की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन मुझे लगता है कि फिल्म उससे कहीं आगे की है। मुझे आमिर के मानवीय पहलुओं और वह इस पड़ाव तक कैसे पहुंचे की कहानी में ज्यादा दिलचस्पी है। इस तरह की कहानियों को स्क्रीन पर आने की जरूरत है। जब हम स्क्रीन पर ऐसी कहानियां या पात्र देखते हैं, जिसका हिस्सा क्रिकेट, कश्मीर, विकलांगता जैसी चीजें हैं। तो हम असल में उस पात्र के सपनों से और कमजोरियों से मिलते हैं। इससे एक इंसान को हीरो बनाने में मदद मिलती है।’

क्रिकेटर्स ने भी किया फिल्मों में काम
आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली साल 2006 में आशा भोसले के एक म्यूजिक वीडियो में भी नजर आए थे। संन्यास के बाद फिल्म अनइंडियन में अभिनय किया। पाकिस्तान के पूर्व ओपनर मोहसिन खान ने महेश भट्ट निर्देशित साथी में अमर नामक किरदार निभाया, जो फिल्म के मुख्य पात्र सूरज का भाई होता है। अजय जडेजा भी फिल्म खेल में सुनील शेट्टी और सनी देओल जैसे सितारों के साथ नजर आए।
विनोद कांबली भी क्राइम थ्रिलर अनर्थ में गैंगस्टर का किरदार निभाया था। फिल्म कभी अजनबी थे में संदीप पाटिल ने क्रिकेटर संदीप की मुख्य भूमिका निभाई, वहीं सैयद किरमानी एक अपराध सरगना के कैमियो रोल में नजर आए। हरभजन सिंह ने साल 2023 में तमिल फिल्म फ्रेंडशिप में अभिनय किया। इरफान पठान भी तमिल फिल्म कोब्रा में अभिनय किया। हालांकि फिल्म चली नहीं।