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    26 साल पुराना भजन, चार मुस्लिम कलाकारों ने किया तैयार; आज भी लोगों की 'रिंगटोन' में बजता है यह गाना

    Updated: Sat, 30 May 2026 03:25 PM (IST)

    फिल्म 'लगान' से राधा-कृष्ण का एक गाना बहुत पॉपुलर हुआ था जिसे चार मुस्लिम कलाकारों ने तैयार किया था। यह भक्ति गीत आज भी लोगों के बीच बेहद पसंद किया जा ...और पढ़ें

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा में भक्ति गीतों को एक मनोरंजन के तौर पर ही इस्तेमाल नहीं किया जाता। ये फिल्म की आत्मा और हमारी संस्कृति की पहचान का भी अहम हिस्सा हैं। ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा से लेकर मॉर्डन स्टोरी तक भक्ति को कई बार पर्दे पर अलग-अलग ढंग से दिखाया गया।

    जब मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) की आवाज, शकील बदायूंनी के शब्द और नौशाद का संगीत मिलकर 'मन तड़पत हरी दरसन को आज' जैसा कालजयी भजन रचते हैं या ए.आर. रहमान 'ख्वाजा मेरे ख्वाजा' के जरिए रूहानी सुकून बिखेरते हैं, तो संगीत धर्म की दीवारों को तोड़कर सीधे मानवता और अध्यात्म से जुड़ जाता है।

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    चार मुस्लिम कलाकारों का रहा योगदान

    आज हम आपको बॉलीवुड फिल्म में इस्तेमाल हुए एक ऐसे ही भक्ति गाने के बारे में बताने वाले हैं जिसे चार मुस्लिमों ने तैयार किया था। कई लोगों की रिंगटोन में भी आपने इस गाने को सुना होगा। इस गाने में कान्हा की छेड़छाड़ और गोपियों के साथ उनकी रासलीला का जिक्र है। इस वजह से राधा को जलन होती है। क्या अभी भी नहीं समझे आप कि हम किस गाने की बात कर रहे हैं?

    Radha (4)

    यूट्यूब पर मिलियन में व्यूज

    हम बात कर रहे हैं साल 2001 में आई फिल्म 'लगान' (Lagaan) के पॉपुलर गाने 'राधा कैसे न जले' (Radha Kaise Na Jale) की। इस गाने को आमिर खान, ए आर रहमान, जावेद अख्तर और सरोज खान ने मिलकर इसे इतना फेमस कर दिया कि जब ये बजता है तो पैर अपने आप थिरकने लगते हैं। एक्टिंग, बोल, डांस से लेकर म्यूजिक तक में सभी चीजों को मुस्लिम कलाकारों ने तैयार किया था। इस गाने को यू्ट्यूब पर 195 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।

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    जबरदस्त थी सरोज खान की कोरियोग्राफी

    आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे। गाने के बोल इतने पवित्र और खूबसूरत हैं कि सुनते ही आपकी आंखों के सामने राधा-कृष्ण की वैसी ही छवि घूमने लगती है। इस गाने में सरोज खान ने कोरियोग्राफी की थी। आमिर खान और ग्रेसी सिंह ने बेहद कमाल के स्टेप्स किए थे और लोगों ने इंडियन और क्लासिकल डांस का ऐसा फ्यूजन पहले कभी नहीं देखा था। 'राधा कैसे न जले' गाना आशा भोसले, उदित नारायण और वैशाली सामंत ने गाया है।

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