Cannes में अवॉर्ड जीतने वाली इकलौती Hindi Film, 80 सालों से रिलीज के लिए तरसी; क्यों नहीं पहुंची सिनेमाघर?
80 साल पहले Cannes में पहली भारतीय फिल्म को शामिल होने का न्योता मिला। यह कान्स में अवॉर्ड जीतने वाली इकलौती फिल्म है जो कभी सिनेमाघरों में नहीं पहुंच ...और पढ़ें

कान्स अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमें डेस्क, नई दिल्ली। प्रतिष्ठित फिल्म समारोह कान्स (Cannes) में भारतीय सितारों और फिल्मों का भी दबदबा रहता है। हर साल कान्स में कुछ चुनिंदा भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग होती है, सेलिब्रिटीज रेड कारपेट पर जलवा बिखेरते हैं लेकिन आपको पता है कि कौन सी भारतीय फिल्म है जो पहली बार कान्स गई थी।
कान्स में जाने वाली पहली फिल्म 80 साल पहले बनी थी। यह न केवल कान्स गई, बल्कि 'पाम डी'ओर' (Palme d'Or) अवॉर्ड जीतने वाली इकलौती फिल्म है। दुनियाभर में फिल्म को लेकर खूब चर्चा हुई, लेकिन इस फिल्म ने कभी सिनेमाघर नहीं देखा।
कान्स में अवॉर्ड जीतने वाली भारतीय फिल्म
जी हां, कान्स में पहली बार अवॉर्ड जीतकर इतिहास रचने वाली यह भारतीय फिल्म कभी भी सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई। पिछले 80 सालों से यह फिल्म रिलीज के लिए तरस रही है। जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं, वो चेतन आनंद की नीचा नगर (Neecha Nagar) है।
रशियन प्ले की एडेप्टेशन थी फिल्म
रशियन राइटर मैक्सिम गोर्की के प्ले द लोवर डेप्थ्स (The Lower Depths) की हिंदी एडेप्टेशन नीचा नगर का निर्देशन चेतन आनंद ने किया था। फिल्म में चेतन आनंद की पत्नी उमा आनंद, रफीक अनवर, कामिनी कौशल, मुराद, रफी पीर और हामिद भट्ट जैसे कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई थी।
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क्या है नीचा नगर की कहानी?
फिल्म समाज में मौजूद गहरे वर्ग-भेद को उजागर करती है। कहानी एक अमीर जमींदार 'सरकार' पर केंद्रित है, जो अपनी विकास परियोजनाओं के लिए गंदे नाले का पानी एक गरीब बस्ती ('नीचा नगर') की ओर मोड़ देता है।
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क्यों सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई थी फिल्म?
फिल्म 1946 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में गई थी और पाल्म डिओर अवॉर्ड अपने नाम किया था। हालांकि, यह फिल्म कभी भी सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई थी। कहा जाता है कि कमर्शियल सॉन्ग्स की कमी थी, कोई बड़ा सितारा नहीं था और फिल्म में राजनीतिक मुद्दा था, जिसकी वजह से इंडियन फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। हालांकि, चार दशक के बाद यानी 80s में फिल्म को दूरदर्शन पर सीधे टेलीकास्ट किया गया था।