कान्स फिल्म फेस्टिवल में लहराया था जीत का परचम, 80 साल पुरानी फिल्म को अपने ही देश में नहीं मिला था सम्मान
कान्स फिल्म फेस्टिवल सिनेमा जगत का एक बड़ा फिल्म समारोह है। 80 साल पहले कान्स में भारतीय फिल्म का दबदबा देखने को मिला था, लेकिन अफसोस की बात ये थी उस ...और पढ़ें
-1770648062528_m.webp)
कान्स फिल्म फेस्टिवल में रहा दबदबा (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)
HighLights
इस हिंदी फिल्म ने पहली बार जीता था कान्स फिल्म फेस्टिवल
देशवासियों ने नकार दी थी ये ऐतिहासिक फिल्म
हिंदी सिनेमा की इस अदाकारा ने किया था डेब्यू
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा जगत के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल में से एक कान्स फिल्म फेस्टिवल में इंटरनेशनल लेवल फिल्मों को पेश किया जाता है। इसमें दुनियाभर की फिल्म इंडस्ट्रीज की मूवीज शामिल रहती हैं।
अक्सर रेड कारपेट पर सेलेब्स की मौजूदगी को लेकर चर्चा का विषय बनने वाला कान्स उस वक्त अधिक सुर्खियों में रहा, जब एक हिंदी सिनेमा की फिल्म ने इस फिल्म फेस्टिवल में जीत का परचम लहराया था।
लेकिन हैरान करने वाली बात ये रही कि उस मूवी को भारत देश में सराहना नहीं मिली थी और उसे एक फिसड्डी मूवी के तौर पर जाना गया। आइए जानते हैं कि इस लेख में कौन सी मूवी के बारे में जिक्र किया जा रहा है।
कान्स जीतने वालीं पहली हिंदी फिल्म
इंटरनेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बहुत कम बार देखा गया है कि किसी भारतीय फिल्म ने कामयाबी का स्वाद चखा हो। लेकिन जब भी ऐसा हुआ है, वह अपने आप में ऐतिहासिक रहा है। ऐसा ही इतिहास 80 साल पहले आई हिंदी फिल्म नीचा नगर ने रचा था।
यह भी पढ़ें- Fashion Year 2025: ग्लोबल रेड कार्पेट पर चला 'इंडियन मैजिक', इन 8 सितारों ने रचा इतिहास

1946 में रिलीज होने वाली नीचा नगर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहली ऐसी फिल्म बनी थी, जिसने कान्स फिल्म फेस्टिवल में जीत का परचम लहराया था। दिग्गज अभिनेता देव आनंद के बड़े भाई चेतन आनंद ने नीचा नगर के जरिए अपने डायरेक्टोरियल करियर की शुरुआत की।
-1770649805191.jpg)
इसके अलावा वेटरन एक्ट्रेस रहीं कामिनी कौशल ने भी इस फिल्म के जरिए बतौर एक्ट्रेस हिंदी सिनेमा में कदम रखा। कान्स फिल्म फेस्टिवल 1946 में आयोजित होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस मूवी को ग्रैंड प्रिक्स डु फेस्टिवल इंटरनेशनल डु फिल्म पुरस्कार ने नवाजा गया था।
खबरें और भी
फिल्म की कहानी सामाजिक मुद्दे पर बनी थी, जिसमें अमीर और गरीब तबके के बीच भेदभाव के संवेदशील विषय को दर्शाया गया था। नीचा नगर अपने आप में एक प्रभावशाली फिल्म रही थी।
देश में नहीं हुई थी रिलीज
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा का नाम रोशन करने वाली नीचा नगर को देश के सिनेमाघरों में कभी रिलीज नहीं किया गया। इस मूवी को 80 के दशक में सीधा टीवी चैनल दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया था। ऐसे में इंटरनेवल पर कामयाबी हासिल करने वाली इस मूवी को अपने ही देशवासियों ने वो सम्मान नहीं दिया, जिसकी वह वाकई में हकदार थी।