Gandhi Talks Trailer: इंसान चुप, अब बोलेगा पैसा, दशकों बाद आ रही साइलेंट फिल्म का धांसू ट्रेलर रिलीज
Gandhi Talks Trailer: भारतीय सिनेमा की पहली हिंदी फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' दादा साहेब फाल्के ने बनाई थी। अब इसी को ट्रिब्यूट देते हुए साउथ सिनेमा ने दश ...और पढ़ें

विजय सेतुपति की साइलेंट फिल्म का ट्रेलर रिलीज

समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की नींव रखने वाले फिल्म निर्माता दादा साहेब फाल्के ने बॉलीवुड की पहली फिल्म राजा हरिश्चंद्र (Raja Harishchandra) बनाई थी। ये एक मूक फिल्म थी और कई सालों तक मूक फिल्में ही बनती रहीं। लेकिन जब पहली बोलती फिल्म 'आलमआरा' आई तो उसके बाद मूक फिल्में बहुत कम बनीं।
लेकिन अब थिएटर में गांधी जी की पुण्यतिथी पर एक साइलेंट फिल्म रिलीज होने जा रही है जिसका नाम है- गांधी टॉक्स (Gandhi Talks)। जिसमें विजय सेतूपति, अदिती राव हैदरी और अरविंद स्वामी लीड रोल में हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है जिसमें सस्पेंस और थ्रिल बरकरार है।
कैसा है गांधी टॉक्स (Gandhi Talks) का ट्रेलर
गांधी टॉक्स का ट्रेलर ऑफिशियली रिलीज हो गया है, जिससे यह कन्फर्म हो गया है कि यह आज के इंडियन सिनेमा में एक दुर्लभ साइलेंट फिल्म है। ट्रेलर एक इंटेंस और अजीब से विज़ुअल पैलेट के साथ शुरू होता है। सड़कों के टुकड़े, चेहरे और पल भर के पल जो कहानी के पॉइंट्स के बजाय यादों जैसे लगते हैं। सब कुछ साफ-साफ बताने के बजाय, यह खामोशी को ही सब कुछ कहने देता है। इसकी कहानी क्या है यह जल्दी समझ नहीं आता है और ना ही ट्रेलर में इसका खुलासा किया गया है। लेकिन विजय सेतूपति और अदिती राव हैदरी के बीच लव एंगल, पैसों से जुड़ी कहानियां, भारत का इतिहास और भ्रष्टाचार ये सब कहानी के हिस्से हैं।
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ए आर रहमान के म्यूजिक ने किया जादू
विजय सेतुपति एक शांत, अंदरूनी अंदाज में दिखते हैं, जबकि अरविंद स्वामी की मौजूदगी फ्रेम्स में वजन और तेजी लाती है। ए आर रहमान के बैकग्राउंड स्कोर ने ट्रेलर की इंटेंसिटी को और बढ़ा दिया है। कास्ट में अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव अहम भूमिकाओं में हैं, जो फिल्म की इमोशनल रेंज को बढ़ाते हैं।
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अगर फिल्म की कहानी ट्रेलर से ज्यादा दिलचस्प और बांधे रखने वाले निकलती है तो यह भारतीय सिनेमा में विजुअल स्टोरीटेलिंग की एक दुर्लभ मेनस्ट्रीम कोशिश के तौर पर सामने आ सकती है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो दर्शक यह सोचते हुए बाहर निकल सकते हैं कि काश किसी ने बस बता दिया होता कि क्या हो रहा है। हालांकि ट्रेलर ने अपना काम कर दिया है-एक्साइमेंट बढ़ाना और फिल्म देखने के लिए बेताब करना।