नशे की हालत, टूटा दिल और Mohammad Rafi का साथ; गीता दत्त ने बेसुध होकर भी कैसे रिकॉर्ड किया वो अमर गाना?
गीता दत्त ने अपनी निजी जिंदगी की मुश्किलों और नशे की हालत में भी मोहम्मद रफी के साथ 'बाबूजी धीरे चलना' जैसा अमर गीत रिकॉर्ड किया। ...और पढ़ें
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समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। गीता दत्त (Geeta Dutt) की आवाज भारतीय सिनेमा की उन जादुई आवाजों में से एक थी, जिनकी गायिकी में एक अलग तरह की ताजगी, चंचलता और गहराई देखने को मिली। बाबूजी धीरे चलना, मेरा नाम चिन चिन चू, तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले, जाता कहां है दीवाने उनके कुछ सदाबहार गीत आज भी सुनकर होंठ अपने आप चलने लगते हैं।
गीता दत्त की आवाज बिल्कुल अलग थी इस वजह से लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) उनकी बहुत बड़ी फैन थी। लता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो और गीता सारी बातें शेयर करते थे।
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रफी के साथ गाया था डूएट
आज का किस्सा है फिल्म 12 'ओ' क्लॉक की रिकॉर्डिंग का जिसका संगीत ओ पी नैय्यर ने दिया था। गीता दत्त को इस फिल्म में मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) के साथ एक डूएट गाना था। गाने का नाम था 'बाबूजी धीरे चलना...' (Baabuji Dheera Chalna)। रफी उस दिन खुद गीता दत्त को लेने उनके घर गए। लेकिन गीता जब आईं तो वह बेहद नशे में थीं। गीता जब रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंची तो किसी को यकीन नहीं हुआ कि वो गाना भी गा पाएंगी।
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लेकिन उसके बाद जो हुआ वो आज तक इतिहास में दर्ज है। गीता ने अपनी आवाज में ऐसा सुर छेड़ा कि लोग देखते ही रह गए।
पर्सनल लाइफ में बहुत कुछ झेल रही थीं गीता
गीता दत्त एक ऐसी गायिका थीं जिन्होंने अपनी गायिकी से लाखों दिलों पर राज किया लेकिन उनकी अपनी जिंदगी अंदर से बेहद बिखरी हुई थी। गीता दत्त ने गुरु दत्त से शादी की थी। शादी ठीक ठाक ही चल रही थी कि जिंदगी में एंट्री हो गई वहीदा रहमान की।
इस बारे में जब गुरु दत्त की पत्नी को पता चला तो वह बहुत गुस्सा हुईं। गीता ने तो ये तक कह दिया कि उन्हें वहीदा और उनके बीच से किसी एक को चुनना होगा। गुरु दत्त और वहीदा रहमान ने कई सारी फिल्मों में साथ काम किया था।
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क्यों करने लगी थीं नशा?
फिल्म चौदहवी का चांद, कागज के फूल जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया था। इस वजह से गीता दत्त, गुरु दत्त से और दूर होती चली गईं और शराब के नशे में डूबी रहती थीं। उन मुश्किल दिनों में उनका प्रोफेशनल जीवन भी प्रभावित होने लगा था। 20 जुलाई 1972 को, महज 41 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु का मुख्य कारण लीवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) था, जो अत्यधिक शराब के सेवन के कारण हुआ था।