क्या वाकई 'स्वर कोकिला' Lata Mangeshkar ने छीने थे गीता दत्त से गानें? जानें अफवाहों के पीछे का सच
50 और 60 के दशक में दो गायिकाओं का बॉलीवुड पर राज था। इनमें लता मंगेशकर और गीता दत्त का नाम शामिल है। कहा जाता है कि एक समय ऐसा आया कि सारे गाने लता ज ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 50 और 60 के दशक में लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का फिल्म इंडस्ट्री पर जबरदस्त प्रभाव था। कई पुराने लेखों में जिक्र मिलता है कि संगीतकारों के बीच उन्हें लेने की एक होड़ रहती थी। हर क्षेत्र की तरह म्यूजिक की इंडस्ट्री में भी कॉम्पटीशन देखने को मिलता रहा है।
एक तरफ जहां फिल्मी गलियारों में इस तरह की बातें थीं कि लता मंगेशकर और गीता दत्त के बीच कॉम्पटीशन था या लता ने गीता दत्त से कई गाने छीने वहीं असल जिंदगी में दोनों अच्छी दोस्त थीं।
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लता और गीता दत्त थे अच्छे दोस्त
लता ने कई इंटरव्यूज में इस बारे में बात की थी। लता का कहना था कि जब वो और गीता दत्त मिलते थे तो खूब गॉसिप करते थे। एक इंटरव्यू में लता ने कहा, 'सिर्फ दोस्त ही नहीं, बल्कि हम बहुत करीबी दोस्त थे। क्या मैं आपको कुछ बताऊं? यह एक मिथक है कि दूसरे गायकों की मुझसे नहीं बनती थी। गीता दत्त के साथ मेरा बहुत गहरा रिश्ता था। वह अपने सारे राज मुझसे बांटती थीं। गीता से पहले भी, मैं अमीरबाई कर्नाटकी की बहुत बड़ी प्रशंसक थी। हमारे बीच प्रतिद्वंद्विता की सारी बातें बस चटपटी अफवाहें थीं। उनकी गायन शैली मुझसे बिलकुल अलग थी।'
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अलग थी गीता दत्त की आवाज?
दरअसल ऐसा कहा जाता था कि जब लता गायकी में आईं तो उस जमाने की अन्य गायिकाओं को साइडलाइन कर दिया गया जोकि बिल्कुल गलता। लता खुद को गीता दत्त का फैन मानती थीं। लता ने इस पर बात करते हुए कहा कि गीता दत्त की आवाज बहुत अलग थी वो बहुत ऊंचा नहीं गा सकती थीं लेकिन उनकी आवाज बहुत अलग थी। उनसे ज्यादातर गाने बर्मन दा ने गवाए क्योंकि उनका स्टाइल एकदम अलग था। उन्होंने जैसे वो गाना वक्त ने किया हसीन सितम गाया था ऐसा कोई और नहीं गा सकता।
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41 साल की उम्र में हो गया था निधन
बाबू जी धीरे चलना’, ‘पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे’, और ‘ये लो मैं हारी पिया’ जैसे गानों को गीता दत्त ने ही अपनी आवाज से सजाया है। उन्होंने अपने करियर में 1417 गाने गाए हैं। एक समय पर गीता दत्त और लता मंगेशकर का नाम टॉप 2 सिंगर्स की लिस्ट में आता था। सफल करियर के बावजूद गीता दत्त की पर्सनल लाइफ सिर्फ दुखों से भरी रही। वजह थे उनके पति गुरु दत्त। गुरु दत्त के अफेयर की खबर ने गीता को इतना परेशान किया कि वो हर वक्त नशे में डूब रहती थीं। 41 साल की उम्र में 20 जुलाई 1972 को निधन हो गया।