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लव मैरिज ने छीनी नौकरी, दो बीवियों संग स्टेशन पर घूम रहे थे Hrithik Roshan के दादा; मसीहा बना था डायरेक्टर

Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:26 PM (IST)

ऋतिक रोशन के दादा के फिल्मी सफर के बारे में तो हम सब जानते हैं, लेकिन हम उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर आपको उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी अनसुनी दास्तां बता रहे हैं।

कैसे म्यूजिक की दुनिया में किया दादा ने नाम 'रोशन'/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। ऋतिक रोशन एक फिल्मी फैमिली से ताल्लुक रखते हैं, यह हम सभी जानते है। उनके पिता राकेश रोशन अपने समय के एक बेहद सफल एक्टर और डायरेक्टर हैं, तो वहीं उनके अंकल राजेश रोशन भी म्यूजिक इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं। हालांकि, म्यूजिक रोशन परिवार को विरासत में मिला है।

ऋतिक रोशन के दादा जी भी 50 और 60 के दशक में म्यूजिक इंडस्ट्री के किंग थे, जिन्होंने 'बरसात की रात' से लेकर 'दीवार' और 'दिल ही तो है' जैसी कई सफल फिल्मों का म्यूजिक कंपोज किया। ऋतिक के दादाजी के संगीत के करियर के बारे में तो हम सभी जानते हैं, लेकिन चलिए आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर उनके बारे में वह किस्सा जानते हैं, जब वह प्यार के चक्कर में नौकरी से हाथ धो बैठे थे।

प्यार के चक्कर में नौकरी से धो बैठे टे हाथ

रोशन लाल नागरथ को फिल्मी दुनिया में इंट्रोड्यूज करने वाले निर्देशक किदार शर्मा ने ऋतिक रोशन के दादा से जुड़ा ये किस्सा प्रसार भारती को दिए पुराने इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने कहा था, "एक दिन मैंने देखा कि एक आदमी दो बीवियों के साथ रेलवे स्टेशन पर बैठा हुआ है। सुबह से शाम हो गई, लेकिन वह स्टेशन पर बैठा रहा, तो मैं उसके पास गया और पूछा कि आप कौन हो? तो उन्होंने बदले में मुझसे ही पूछ लिया कि मैंने कौन हूं?

उन्होंने आगे कहा, "वह थोड़ा गुस्सा हुए, तो मैंने उन्हें प्यार से कहा कि अपडेट न हो, मैं आपको सुबह से यहां पर बैठे हुए देख रहा हूं, तो मुझे लगा कि आपको कुछ जरूरत होगी। मैंने उन्हें बताया कि मेरा नाम किदार है, फिर उन्होंने भी कहा, "प्रणाम मेरा नाम रोशन है। मैं ऑल इंडिया रेडियो के लिए म्यूजिक बनाता था, लेकिन मेरी लव मैरिज हुई तो उन्होंने मुझे नौकरी से निकाल दिया। अब ना मेरे पास काम है और ना ही रहने की कोई जगह है।"

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शुरुआत में उनसे 'कचरा' म्यूजिक मिला

किदार शर्मा ने आगे कहा, "मैं उन्हें कार में अपने असिस्टेंट के घर लेकर गया, जहां उसके पास एक खाली घर था। अगले दिन मैंने एक म्यूजिक कम्पोजर से बोला कि एक बेसहारा आदमी आ गया है और मैं उसकी हेल्प करना चाहता हूं। हालांकि, मेरे हाथ निराशा तब लगी जब मैंने बिना देख-रेख ही रोशन को छोड़ दिया और बदले में उन्हें उनसे कचरा म्यूजिक मिला। फिर मुझे लगा कि खाली ऑल इंडिया रेडियो का अनुभव काफी है, लेकिन मैं गलत था। उन्होंने मुझसे कहा कि रोशन का म्यूजिक बिल्कुल भी 'फिल्मों' वाला नहीं है, वह उनकी अगली फिल्म 'बावरे नैना' से पैसे वसूल करेंगे।"

उन्होंने द रोशन सीरीज में यह भी बताया कि उनके कई पुराने दोस्त ऐसे डिस्ट्रीब्यूटर दोस्त भी रहे, जो उनके लिए कई महंगे तोहफे नई ब्यूक कार लेकर आए, लेकिन उन्होंने एक कंडीशन रख दी। वह नहीं चाहते थे कि रोशन इस प्रोजेक्ट में शामिल हों। उन्होंने एक लाख का ब्रीफकेस दिया, लेकिन किदार ने उसे ठुकरा दिया। रोशन अपनी वजह से किदार को सफर होते देख काफी भावुक हो गए और उन्होंने उनसे कहा कि वह उनका ऑफर स्वीकार कर रहे, लेकिन डायरेक्टर ने उन्हें समझाते हुए कहा कि यह रोशन का नहीं, बल्कि उनका इम्तिहान है।

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खुद को खत्म करना चाहते थे रोशन

दो बीवियों के साथ संघर्ष कर रहे रोशन की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब वह समुद्र में कूदकर अपनी जान देता चाहते थे, क्योंकि दो पत्नियों के साथ उन्हें घरेलू दिक्कतें आ रही थीं। हालांकि, 1960 में वह दौर आया, जब रोशन म्यूजिक की दुनिया में दीपक की तरह रौशन हुए और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा।

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