Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Independence Day 2023: आजादी के संघर्ष पर बनी ये टॉप देशभक्ति फिल्में, 15 अगस्त पर भूलकर भी न करें मिस

    By Jagran News NetworkEdited By: Jagran News Network
    Updated: Mon, 14 Aug 2023 04:10 PM (IST)

    Independence Day 2023 Special देश की आजादी का जश्न 15 अगस्त को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान देश की आजादी के लिए अपनी जान की बाजी लगाने ...और पढ़ें

    Bollywood movies based on Independence of India.
    Bollywood movies based on Independence of India.

    HighLights

    1. 15 अगस्त को देश में मनाया जाएगा आजादी का जश्न
    2. देश में इस बार मनाया जाएगा 77वां स्वतंत्रता दिवस
    3. इस स्वतंत्रता दिवस पर इन देशभक्ति फिल्मों को जरूर देखें

     नई दिल्ली जेएनएन: देशभक्ति और हिंदी सिनेमा का नाता काफी पुराना है। लंबे वक्त से बॉलीवुड देशभक्ति पर आधारित एक से बढ़कर एक शानदार फिल्म बनाता आ रहा है। आलम ये रहा है कि इन फिल्मों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। आजादी के संघर्ष की कहानी को दिखाती इन फिल्मों को हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कई चैनल्स पर दिखाया जाता है।

    बचपन से हम और आप ऐसी मूवी को देखते आ रहे हैं, लेकिन फिर भी हम पूरे उत्साह के साथ इन्हें देखना पसंद करते हैं। इन चीजों को पढ़कर आपको अंदाजा लग गया होगा कि हमारा आज का टॉपिक क्या है। चलिए अब हम आपका संस्पेंस खत्म करते हुए बॉलीवुड की देशभक्ति फिल्मों की लिस्ट आपके सामने रखते हैं।

    शहीद (1965)

    1965 की फिल्म ‘शहीद’ में मनोज कुमार, मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने ‘शहीद भगत सिंह’ के किरदार को बखूबी निभाया था। इस फिल्म ने नेशनल अवार्ड भी अपने नाम किया था। यह पूरी फिल्म भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस फिल्म के स्क्रीनप्ले में भगत सिंह के करीबी समर्थक बटुकेश्वर दत्त ने स्वयं योगदान दिया था। यह एक बेहतरीन फिल्म है, जिसे हर किसी को एक बार न एक बार देखनी चाहिए।

    गांधी (1982)

    मोहनदास करमचंद गांधी जिनका भारत की आजादी में एक बड़ा योगदान रहा है। उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘गांधी’ एक बेहतरीन फिल्म है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह एक हॉलीवुड फिल्म है और इसमें गांधी जी के साउथ अफ्रीका कार्यकाल से लेकर उनकी हत्या तक की कहानी कुछ ही घंटों में इस फिल्म के जरिए आप देख सकते हैं। वहीं, बेन किंग्सले की बेहतरीन एक्टिंग और उनका लुक उन्हें ‘गांधी’ के रोल के लिए एक पर्फेक्ट चेहरा बनाता है। इस फिल्म ने 8 ऑस्कर अवार्ड अपने नाम किए थे।

    खबरें और भी

    मंगल पांडे - द राइजिंग (2005)

    साल 2005 में आई आमिर खान की फिल्म ‘मंगल पांडे - द राइजिंग’ महान मंगल पांडे की जीवनी थी, जिन्होंने अंग्रेजों से भारत को आजाद करने के लिए अपने प्राण कुर्बान कर दिए। केतन मेहता द्वारा निर्देशित यह फिल्म ‘आमिर खान’ की एक कमबैक फिल्म थी। वीर मंगल पांडे के बारे में यह कहा जाता है कि उन्हें फाँसी देने के लिए जल्लाद भी तैयार नहीं थे। ऐसा कहा जाता है कि जल्लाद अपने ऊपर वीर मंगल पांडे के खून की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते थे।

    द लेजेंड ऑफ भगत सिंह (2002)

    भगत सिंह की बायोपिक ‘द लेजेंड ऑफ भगत सिंह’ अजय देवगन की बेहतरीन फिल्मों में से एक रही। यह कहानी उनके बचपन से लेकर उनके शहीद होने तक के सफर को कुछ ही घंटों में बखूबी दिखाती है। सिर्फ भगत सिंह ही नहीं, बल्कि इसमें सुखदेव और राजगुरु के किरदारों को निभाने वाले कलाकारों ने भी काफी बेहतरीन एक्टिंग कर इस फिल्म से सभी के दिलों में अपनी जगह बनाई।

    इस मूवी ने दो नेशनल अवार्ड अपने नाम किए थे। अगर अब तक आपने यह फिल्म नहीं देखी, तो हम कह सकते हैं कि आप एक बहुत अच्छी फिल्म मिस कर रहे हैं।

    मणिकर्णिका : झाँसी की रानी (2019)

    देश की आजादी में जितना योगदान पुरुष वीरों ने दिया उतना ही योगदान महिलाओं ने भी दिया था। बचपन में आप सबने अपने किताब में वो कविता तो पढ़ी ही होगी, ‘खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झाँसी वाली रानी थी’। इसी महान महिला योद्धा पर बनीं थी फिल्म ‘मणिकर्णिका : झाँसी की रानी’।

    मुख्य किरदार में कंगना रनौत ने फिर एक बार अपना बेस्ट दिया। रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और उनके जिंदगी के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को यह मूवी उजागर करती है। यह फिल्म आप अमेजन प्राइम वीडियो पर घर बैठे आसानी से देख सकते हैं।

    हमारे देश के लिए मर-मिटने वाले महान योद्धाओं के बारे में जब हम किताबों में पढ़ते हैं तो वो एक अलग अनुभव होता है। वहीं, जब इन्हीं की लाइफ स्टोरी को हम फिल्मों के जरिए अपने सामने देखते हैं तो कहीं न कहीं हमारी कल्पना के जरिए हमें लगता है कि भारत को आजाद कराने में उनका जोश और जुनून कुछ ऐसा ही रहा होगा।

    आज भारत देश और हम आजाद हैं, सिर्फ उन महान लोगों के बलिदान की वजह से। इसलिए इन फिल्मों को देखने के लिए और इनके बलिदान को याद करने के लिए सिर्फ स्वतंत्रता दिवस ही नहीं है, बल्कि हर दिन अपनी आजादी को मनाते हुए इन फिल्मों के जरिए इन्हें याद करना चाहिए।