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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'अब ये क्या है, इस डायलॉग का क्या मतलब है?', यश चोपड़ा की Jab Tak Hai Jaan पर जावेद अख्तर ने साधा निशाना

    Updated: Thu, 25 Jul 2024 03:53 PM (IST)

    जावेद अख्तर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी बात को बेबाकी से रखा और सिनेमा में आधुनिक भारतीय महिलाओं के कैरेक्टराइजेशन के बारे में बात की। उन्होंने ...और पढ़ें

    'जब तक है जान' का डॉयलॉग जावेद अख्तर को नहीं आया पसंद, (X Image)
    'जब तक है जान' का डॉयलॉग जावेद अख्तर को नहीं आया पसंद, (X Image)

    HighLights

    1. 2012 में रिलीज हुई थी जब तक है जान
    2. शाह रुख खान ने निभाया था लीड रोल
    3. यश चोपड़ा ने किया था डायरेक्शन

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर अपनी बेबाकी के लिए अक्सर चर्चा बटोरते हैं। अब हाल ही में उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म 'जब तक है जान' पर निशाना साधा।

    शाह रुख खान, कटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा स्टारर इस फिल्म के एक डॉयलॉग पर जावेद अख्तर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही उन्होंने मेकर्स पर बिना जाने-समझे फेमिनिज्म को गलत तरीके से दिखाने का भी आरोप लगाया।

    जावेद अख्तर ने हाल ही में बी ए मैन, यार! के एक एपिसोड में शामिल हुए, जहां उन्होंने बातचीत के दौरान यश चोपड़ा की फिल्म 'जब तक है जान' का उदाहरण दिया और फिल्म में अनुष्का शर्मा के किरदार अकीरा के डायलॉग्स पर सवाल उठाया और कहा कि ये सशक्त महिला को गलत तरीके से दिखाता है।

    किस डायलॉग पर भड़के जावेद ?

    जावेद अख्तर ने फिल्म का जिक्र करते हुए कहा, "एक पिक्चर थी यश चोपड़ा साहब की, जब तक है जान। उसमें उसका एक डायलॉग था एक हीरोइन के लिए, 'मैं दुनिया में जितनी नेशनेलिटी हैं, हर नेशनेलिटी के एक आदमी संग सोने के बाद शादी करूंगी!' अरे भाई तू इतनी मेहनत क्यों करेगी? तू सशक्त है? तू मॉडर्न है? तू अच्छी है? तू आगे की सोच रही है? मान जाते हैं ना... इतनी मेहनत करने की जरूरत नहीं है तुमको! बहुत नेशनेलिटीज हैं दुनिया में। इसके चक्कर में मत पड़ो।"

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    नहीं पता है फेमिनिज्म का मतलब

    उन्होंने आगे कहा, "अब ये क्या है? इस डायलॉग का क्या मतलब है? कहां से आ रहा है यश चोपड़ा की फिल्म में? क्योंकि वे दिखावा करना चाहते हैं कि ये एक सशक्त लड़की है। उन्हें ये स्पष्ट नहीं है कि सशक्त लड़की क्या होती है, इसलिए वे बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं।" जावेद ने कहा कि आज भी फिल्म निर्माता आधुनिक भारतीय महिला के विचार को लेकर भ्रमित हैं।

    यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म

    बता दें, 'जब तक है जान' 13 नवम्बर, 2012 को रिलीज हुई थी। यह यश चोपड़ा की आखिरी निर्देशित फिल्म है। इसकी रिलीज से महीनाभर पहले ही यश चोपड़ा का निधन हो गया था। फिल्म का लेखन आदित्य चोपड़ा और देविका भगत ने किया था। 

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