JFF 2026: लौट रहा है सिनेमा का बड़ा रंग मंच Jagran Film Festival, 14वें एडिशन में बहुत कुछ, इन सेलेब्स को मिलेगा सम्मान
जागरण फिल्म फेस्टिवल अपने 14वें संस्करण के साथ जल्द ही वापसी करने जा रहा है।

जागरण फिल्म फेस्टिवल
HighLights
जल्द शुरू होगा जागरण फिल्म फेस्टिवल
14वें एडिशन में होगा बहुत कुछ खास
नए रोमांच और जोश के साथ आ रहा जेएफएफ
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक बार फिर जागरण फिल्म फेस्टिवल (Jagran Film Festival 2026) हम सबके बीच लौट रहा है। सालभर के इंतजार के बाद रंग मंच का ये बड़ा कार्यक्रम अपने नए संस्करण के साथ नया रोमांच लेकर आ रहा है। मौजूदा समय में फिल्में कुछ ही सेकंड में महाद्वीपों की यात्रा करती हैं, दर्शक अपनी संस्कृति से दूर की संस्कृतियों की कहानियों को अपनाते हैं, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकें रचनात्मक प्रक्रिया कोनए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।
फिर भी, हर तकनीकी बदलाव और देखने की बदलती आदतों के बीच, एक सच्चाई वैसी ही बनी हुई है— एक दमदार कहानी पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करती है, चुनौती देती है और जोड़ती है। कहानी कहने की शक्ति में यही अटूट विश्वास 'रजनीगंधा प्रस्तुत जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026' (JFF) के केंद्र में है, जो दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल और दैनिक जागरण की एक प्रमुख पहल है।
कब शुरू हो रहा है जागरण फिल्म फेस्टिवल
जागरण फिल्म फेस्टिवल के14वें संस्करण का आगाज 20 अगस्त से हो रहा है, जो 31 अक्टूबर 2026 तक एक और देशव्यापी यात्रा पर निकलेगा, जिसका समापन 1 नवंबर को प्रतिष्ठित 'जागरण फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स नाइट' के साथ होगा। दो महीने से अधिक समय तक चलने वाले इस फेस्टिवल में भारत भर के शहर एक बार फिर सिनेमाई आदान-प्रदान के जीवंत केंद्रों में बदल जाएंगे, जहाँ प्रशंसित फिल्म निर्माता, उभरती प्रतिभाएं, छात्र, उद्योग के पेशेवर और सार्थक सिनेमा के प्रति साझा प्रेम से जुड़े दर्शक एक साथ आएंगे।
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सितारों को मिलेगा सम्मान
जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 भारतीय सिनेमा की कुछ सबसे सम्मानित हस्तियों के शानदार योगदान का भी जश्न मनाएगा। मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले को भारतीय फिल्म संगीत में उनके बेमिसाल योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। अनुभवी कलाकार गोवर्धन कुमार असरानी, सतीश शाह और धर्मेंद्र को भी उनकी यादगार विरासत के लिए सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, दूरदर्शी फिल्म-मेकर वी. शांताराम को खास श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनके बेहतरीन काम का असर आज भी कहानीकारों की कई पीढ़ियों पर दिखता है।

JFF अनटाइटल्ड अवसर का मंच
इनमें सबसे अहम है JFF अनटाइटल्ड' (JFF Untitled), जो एक खास प्लेटफॉर्म है। यहां उभरते लेखक और फिल्ममेकर अपने ओरिजिनल आइडिया पेश कर सकते हैं, जरूरी फीडबैक पा सकते हैं और अपने कॉन्सेप्ट को फिल्म में बदलने की दिशा में पहला कदम उठा सकते हैं। कहानी कहने में टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, फेस्टिवल में AI फिल्ममेकिंग वर्कशॉप' भी आयोजित की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंसानी कल्पना की अहम भूमिका को कम किए बिना, एक जरूरी क्रिएटिव टूल बनता जा रहा है।
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मिलेगी मास्टर क्लास
जागरण फिल्म स्टिवल भारतीय और इंटरनेशनल सिनेमा का एक बेहतरीन प्रोग्राम पेश करेगा, जिसमें मशहूर फिल्में, खास प्रीमियर और शानदार इंडिपेंडेंट फिल्में शामिल होंगी। दर्शकों को मास्टरक्लास, पैनल चर्चा, बातचीत और नेटवर्किंग सेशन के जरिए फिल्म-मेकरों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे फेस्टिवल एक शानदार सांस्कृतिक अनुभव बन जाएगा जो स्क्रीनिंग हॉल से कहीं आगे तक फैला होगा।
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क्रिएटर्स के लिए खास मौका
फेस्टिवल का अनुभव फिल्मों से आगे बढ़कर ओपन माइक, पॉडकास्ट और फैशन इस्टा जैसी पहलों के जरिए और भी बढ़ेगा। इससे ऐसी जगहें बनेंगी जहां छात्र, क्रिएटर, परफॉर्मर और कलाकार अपनी प्रतिभा दिखा सकें, विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और बड़े क्रिएटिव समुदायों से जुड़ सकें। ये सभी पहलें फेस्टिवल की इस सोच को दिखाती हैं कि आज कहानी कहने का काम कई तरह के फॉर्मेट और क्षेत्रों में हो रहा है।
सुनहरा रहा है सफर
पिछले चौदह संस्करणों में, जागरण फिल्म फेस्टिवल ने खुद को भारत के सबसे महत्वपूर्ण सिनेमाई मंचों में से एक के रूप में स्थापित किया है। कई शहरों की यात्रा करते हुए, इस फेस्टिवल ने लगातार स्वतंत्र सिनेमा को बढ़ावा दिया है और साथ ही दर्शकों को भारत और दुनिया भर की बेहतरीन फिल्मों से परिचित कराया है।
साथ ही, इसने उद्योग के कुछ बेहतरीन लोगों से सीधे सीखने के अवसर पैदा करके उभरते फिल्म निर्माताओं, लेखकों, अभिनेताओं और छात्रों को आगे बढ़ने में मदद की है। सिर्फ एक फिल्म फेस्टिवल से कहीं अधिक, यह एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हुआ है जहां सिनेमा का जश्न सिर्फ मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और सामाजिक संवाद के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में मनाया जाता है।
